जेडी वेंस के पाकिस्तान से प्यार वाले बयान पर भड़के अमेरिकी सांसद, कहा- लादेन को छिपाने वाले पर कैसा भरोसा

Vice President JD Vance Statement: जेडी वेंस के स्विट्जरलैंड में दिए गए पाकिस्तान प्रेम वाले बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में विरोध हो रहा है। रिपब्लिकन सीनेटर इस बयान की जमकर आलोचना कर रहे हैं।
Vice President JD Vance: US Senators Criticize Over We Love Pakistan Statement Now
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Senators Criticize Vice President JD Vance Statement Over Love Pakistan: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के 'पाकिस्तान प्रेम' वाले बयान पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। उनके इस बयान की अमेरिकी सीनेटरों ने बहुत ही कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने और ओसामा बिन लादेन को छुपाने का गंभीर आरोप लगाया है। वेंस ने स्विट्जरलैंड में वार्ता के दौरान कहा था कि हम पाकिस्तान से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं।

जेडी वेंस ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को अपने दो पसंदीदा लोगों में से एक बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी और फील्ड मार्शल मुनीर उनके लिए सबसे खास हैं। इस पर रिपब्लिकन सीनेटरों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पाकिस्तान के इतिहास की याद दिलाई है। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलिए की अहम भूमिका निभा रहा है।

कतर और पाकिस्तान पर आरोप

सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि अब तक सबको साफ हो जाना चाहिए कि असल दोस्त कौन हैं। स्कॉट ने कहा कि कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का बहुत ही लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये देश शांति पाने के बजाय ईरान के आतंकी कैंपेन को सपोर्ट करने में ज्यादा लगे हुए हैं। इस बयान से अमेरिका की सुरक्षा नीति पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

ओसामा बिन लादेन का मुद्दा

मोंटाना से सीनेटर टिम शीही ने भी अल कायदा लीडर ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए। शीही ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमें बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने बिन लादेन को 10 साल तक छुपाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आईएसआई इंश्योरेंस के जरिए अयातुल्ला को बड़ा फंड भी मुहैया कराया था। यह स्थिति अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण है।

मध्यस्थता पर उठाए कड़े सवाल

टिम शीही ने पाकिस्तान और कतर की वर्तमान मध्यस्थता पर सीधा और बहुत ही कड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आईएसआई के जरिए हमारे खिलाफ बगावत को फंड किया था इसलिए उसे सिर्फ बिचौलिया मानना सही नहीं है। शीही ने यह भी दावा किया कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए खतरनाक मनी लॉन्ड्रिंग लगातार कर रहा है। इस कारण इन देशों की मंशा पर संदेह है।

इजरायल और यूएई हैं असली साथी

सीनेटरों ने अमेरिका को सलाह दी है कि अगर पाकिस्तान और कतर बातचीत की मेज पर हैं तो अन्य देशों को भी शामिल करें। उनका कहना है कि अमेरिका को यूएई, इजरायल और सऊदी अरब को भी इस अहम बातचीत का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। शीही ने स्पष्ट किया कि इजरायल और यूएई ही मिडिल ईस्ट के इलाके में अमेरिका के असली साथी और मजबूत अगुआ रहेंगे।

ईरान और अमेरिका की मध्यस्थता

मौजूदा समय में पाकिस्तान और कतर जैसे देश ईरान और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। इस बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की खुलकर तारीफ की थी जिसने इस बड़े विवाद को जन्म दिया। रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि इन देशों के पुराने इतिहास को देखते हुए उन पर भरोसा करना मुश्किल है। इसलिए अमेरिका को पुराने सहयोगियों के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए।

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