अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (सोर्स- सोशल मीडिया)
JD Vance in Islamabad: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है, जहां ईरान के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय शांति वार्ता होने जा रही है। यह बैठक एक महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष के बाद पहली बार हो रही है और इसका मुख्य उद्देश्य नाजुक युद्धविराम को बनाए रखना और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ना है।
वेंस इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ से मुलाकात कर क्षेत्रीय तनाव को कम करने के संभावित उपायों पर चर्चा करेगा। इस अहम बैठक से पहले इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि यह वार्ता पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे पहले 71 सदस्यीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुका है। गालिबाफ के नेतृत्व वाले इस दल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अली अकबर अहमदियन शामिल हैं।
बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित15 बिंदुओं वाले प्लान और ईरान के 10 बिंदुओं वाले जवाबी प्रस्ताव पर चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिका की प्रमुख मांगों में ईरान का समृद्ध यूरेनियम भंडार छोड़ना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना शामिल है। वहीं, ईरान इस जलमार्ग पर अपने नियंत्रण, संभावित टोल व्यवस्था, क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के अंत और प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है।
इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि यह वार्ता असफल होती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बातचीत के नतीजों को लेकर अगले 24 घंटों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने में स्पष्ट कहा है कि चाहे युद्धविराम की शर्तों पर सहमति बने या नहीं, अमेरिका किसी भी स्थिति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाकर ही रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है।