जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बात, भारतीयों के रेस्क्यू पर जताया आभार
पश्चिम एशिया में तनाव और अस्थिरता बढ़ने की स्थिति में भारत और ईरान के बीच हुई यह चर्चा काफी अहम मानी जा रही है। वर्तमान में यह पूरा इलाका हिंसक टकराव और जटिल भू-राजनीतिक उठापटक से गुजर रहा है, जिसने..
- Written By: अमन उपाध्याय
एस जयशंकर , फोटो (सो.सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर चर्चा की। इस बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वर्तमान चुनौतीपूर्ण हालात में ईरान की स्थिति और विचारों को समझने के लिए अराघची की सराहना की। साथ ही, उन्होंने पश्चिम एशिया के इस देश का आभार व्यक्त किया कि ईरान ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
जयशंकर ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई बातचीत में उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को लेकर ईरान के रुख को विस्तार से समझाया, जिसके लिए मैं उनकी प्रशंसा करता हूं। मैंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ईरान सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।”
Spoke to FM @araghchi of Iran this afternoon. Appreciate his sharing Iran’s perspective and thinking in the current complex situation. Thanked him for facilitating the safe evacuation of Indian nationals. 🇮🇳 🇮🇷 — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 27, 2025
सम्बंधित ख़बरें
लाइव टीवी पर AK-47 चलाने की ट्रेनिंग…ट्रंप की धमकी से ईरान में मचा हड़कंप, आम जनता ने उठाए हथियार- VIDOE
100 बिलियन डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियां! नॉर्वे और भारत के बीच हुई बड़ी डील, आतंकवाद पर भी गरजे PM मोदी
43 साल का इंतजार खत्म! ओस्लो पहुंचे PM मोदी, वैश्विक मंदी और युद्ध के बीच नॉर्वे से होने जा रही है ‘महाडील’
हुस्न ऐसा कि कोई शक न करे, लेकिन नाम सुनते ही कांप उठती थी दुनिया; कौन हैं वो 5 सबसे खतरनाक महिला आतंकी
नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बिगड़ते हालात के मद्देनजर भारत और ईरान के बीच हुई यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस समय पूरा क्षेत्र संघर्ष और मुश्किल भू-राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इजरायल-हमास के बीच जारी लड़ाई ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, जिसके दूरगामी प्रभाव पूरे क्षेत्र में देखे जा रहे हैं। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में कई देशों को अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास करने पड़ रहे हैं। भारत ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है।
स्थायी शांति की दिशा में प्रगति
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं और दोनों देश क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर निरंतर सहयोग करते आए हैं। यह वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल मानी जा रही है। भारत की नीति क्षेत्र में सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखने की रही है ताकि तनाव कम हो और स्थायी शांति की दिशा में प्रगति हो सके।
बांग्लादेश में सियासी भूचाल, हसीना के चुनावों की होगी जांच, यूनुस ने बनाई टीम
ईरानी सरकार का योगदान सराहनीय
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ईरानी सरकार का योगदान सराहनीय रहा है। भारत सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकालने के लिए गहन राजनयिक प्रयास किए हैं। मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट इस क्षेत्र में फंसे नागरिकों की मदद के लिए हर समय तैयार हैं। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से निवेदन किया है कि वे इस क्षेत्र में यात्रा करने से पहले सतर्कता बरतें और मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
