

Environmental protest Milan: शनिवार को मिलान की सड़कों पर 'अनसस्टेनेबल ओलंपिक कमेटी' द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण विरोध मार्च अचानक हिंसक हो गया। दिनभर हजारों लोग 2026 शीतकालीन ओलंपिक के खिलाफ मार्च कर रहे थे, लेकिन रात में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ओलंपिक आयोजन से पर्यावरण और स्थानीय समाज पर गंभीर दबाव पड़ रहा है, और आर्थिक बोझ भी भारी है।
सुबह से ही प्रदर्शनकारी हाथ में हाथ डालकर गाते-नाचते हुए मार्च कर रहे थे। इसमें छात्र, पर्यावरण कार्यकर्ता, आवास अधिकार संगठन, श्रमिक संघ और अन्य समूह शामिल थे। लेकिन रात को जब मार्च ओलंपिक गांव के पास पहुंचा, कुछ प्रदर्शनकारियों ने फायरक्रैकर और स्मोक बम फेंके। वाया बेनाको से पियाजाले कॉर्वेट्टो पहुंचते-पहुंचते झड़पें और तेज हो गईं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और बाद में वाटर कैनन व आंसू गैस का इस्तेमाल किया। क्योंकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश प्रदर्शनकारी हिंसा में शामिल नहीं थे और मुख्य इलाके में ही रहे।
इसी बीच, उत्तरी इटली के बोलोग्ना शहर में रेलवे नेटवर्क में गंभीर व्यवधान आया। इटली के परिवहन मंत्री ने इसे संभावित “पूर्वनियोजित हमला” करार दिया और सबोटाज की जांच शुरू कर दी। यह घटनाक्रम ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें मिलान के सैन्सिरो स्टेडियम में विश्वप्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी। प्रदर्शनकारी सरकार की सुरक्षा नीतियों और अल्पसंख्यकों के प्रति सख्त रवैये की भी आलोचना कर रहे थे।
शीतकालीन ओलंपिक हर चार साल में आयोजित होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता है, जिसमें बर्फ और हिम पर खेले जाने वाले खेल शामिल होते हैं। इसकी शुरुआत 1924 में फ्रांस के शैमॉनिक्स से हुई थी। इसमें स्कीइंग, आइस हॉकी, फिगर स्केटिंग और स्नोबोर्डिंग जैसे खेल शामिल हैं।
2026 का आयोजन इटली के मिलान और कोर्टिना डी'अम्पेज़ो में 6 से 22 फरवरी तक हो रहा है। इस बार ‘स्की माउंटेनियरिंग’ को पहली बार शामिल किया गया है। आयोजन अपनी भव्यता के साथ-साथ स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।