इजरायल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Israel Attack Iran Petrochemical Plant: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल जोन पर हमला किया, जिसमें कम से कम 5 लोग मारे गए और कई घायल हुए। पेट्रोकेमिकल जोन को हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी ईरानी अधिकारियों ने अभी तक नहीं दी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका समर्थित देशों पर तुरंत कार्रवाई करना शुरू कर दिया।
ईरान ने पलटवार में कुवैत के पावर प्लांट को निशाना बनाया। कुवैत के विद्युत, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जोहर हयात ने बताया कि ईरानी ड्रोन ने दो बिजली और जल शोधन संयंत्रों को निशाना बनाया। इस हमले के कारण संयंत्रों को भारी नुकसान हुआ और दो बिजली उत्पादन यूनिट बंद हो गईं। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ईरान के शीर्ष कमांडर अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि अमेरिका या इजरायल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का जवाब पश्चिम एशिया में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़राइल के बुनियादी ढांचे पर “विनाशकारी और निरंतर” हमलों से दिया जाएगा।
अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी “हताश, घबराहट भरी और मूर्खतापूर्ण” है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल देश के अधिकारों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा में पीछे नहीं हटेंगे और हमलावरों को उनकी औकात दिखाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलेगा, तो उसके बिजली संयंत्रों को नष्ट कर दिया जाएगा। 21 मार्च को दी गई इस चेतावनी के बाद बातचीत के चलते हमले को पांच दिनों के लिए टाला गया। इसके बाद समय सीमा फिर से बढ़ा दी गई है। ट्रंप ने कहा कि समय खत्म हो रहा है और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा।
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ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच इस तनावपूर्ण स्थिति ने पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों की कार्रवाई और जवाबी हमलों की आशंका के कारण क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले कदम पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।