इजरायल का लेबनान में भीषण जमीनी हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
Israel Attacks Hezbollah In Lebanon: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है क्योंकि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान की सीमा पार कर ली है। सोमवार को इजरायली रक्षा बलों ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उन्होंने हिजबुल्लाह के प्रमुख ठिकानों को खत्म करने के लिए लक्षित अभियान शुरू किया है। इसके साथ ही इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर एक महत्वपूर्ण सरकारी विमान को पूरी तरह से नष्ट करने का दावा किया है। यह अचानक हुआ घटनाक्रम पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में युद्ध की आग को और अधिक भड़काने की क्षमता रखता है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी चिंता है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस जमीनी सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार इजरायली सैनिक अब यूएन द्वारा निर्धारित ब्लू लाइन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और रणनीतिक स्थानों पर अपना कब्जा जमा रहे हैं। लेबनान की सीमा पर हिजबुल्लाह के लड़ाकों और इजरायली सैनिकों के बीच भीषण संघर्ष जारी है जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति काफी तनावपूर्ण और अनिश्चित बनी हुई है।
यह वर्तमान संघर्ष उस व्यापक लड़ाई का हिस्सा है जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ हवाई हमलों के साथ औपचारिक रूप से शुरू हुई थी। हिजबुल्लाह ने 2 मार्च से इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले तेज कर दिए थे जिसका उद्देश्य ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेना था। साल 2024 के अंत में हुए युद्धविराम के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी और हिंसक सैन्य झड़प मानी जा रही है जिसने शांति की सभी उम्मीदों को तोड़ दिया है।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर खड़े एक महत्वपूर्ण एयरबस ए340 विमान को हवाई हमले में पूरी तरह से तबाह कर दिया है। इजरायली सेना का मानना है कि इस विमान के नष्ट होने से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों के बीच आपसी समन्वय और सैन्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाएगी। इसके साथ ही इजरायल ने ईरान के कई अन्य प्रमुख शहरों के बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए हैं ताकि तेहरान की सैन्य तैयारियों और प्रतिक्रिया को धीमा किया जा सके।
नष्ट किया गया एयरबस ए340 विमान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई जैसे वरिष्ठ नेताओं की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक यात्राओं के लिए उपयोग किया जाता था। इजरायल का कहना है कि इस विमान को नष्ट करना ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक कड़ा संदेश देने और उनकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को सीमित करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस हमले की पुष्टि नहीं की है लेकिन यह दावा इजरायल की ईरान के भीतर तक हमले की क्षमता को दर्शाता है।
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच यह सीधी लड़ाई लेबनान के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रही है जहां हिजबुल्लाह ने पिछले कई वर्षों में अपनी सैन्य स्थिति मजबूत की है। इस संघर्ष के कारण दोनों तरफ के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जमीनी हमला और लंबा खिंचता है तो इससे क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा जाएगा जिसे रोकना किसी भी देश के लिए कठिन होगा।
इजरायल की सेना ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनके देश के उत्तर में रहने वाले निवासी सुरक्षित महसूस नहीं करते तब तक हिजबुल्लाह के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। इजरायली रक्षा बल अब सीमा क्षेत्र के कस्बों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं ताकि हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों की क्षमता को पूरी तरह से जमीनी स्तर पर खत्म किया जा सके। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान अपने विमान के नुकसान और लेबनान में जारी जमीनी हमले पर किस तरह की सैन्य या कूटनीतिक प्रतिक्रिया देता है।
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ईरान की ओर से किसी भी बड़ी जवाबी कार्रवाई की संभावना ने पूरी दुनिया के बाजारों और वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर भी अनिश्चितता के काले बादल मंडरा दिए हैं। लेबनान में इजरायल की मौजूदगी और ईरान के भीतर सीधे हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी इस संकट के समाधान के लिए सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया है। अब यह युद्ध केवल दो समूहों के बीच नहीं रहा बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय टकराव में बदल गया है जिसके परिणाम पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकते हैं।
Ans: इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को नष्ट करने और अपने उत्तरी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह सीमित और लक्षित जमीनी अभियान शुरू किया है।
Ans: इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरान के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एयरबस ए340 विमान को नष्ट कर दिया है।
Ans: यह संघर्ष मुख्य रूप से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हवाई अभियान के साथ शुरू हुआ था और 2 मार्च से हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले तेज किए थे।
Ans: इजरायल का दावा है कि इस विमान को नष्ट करने से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच कूटनीतिक समन्वय और संचार व्यवस्था बाधित होगी।
Ans: ब्लू लाइन संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित इजरायल और लेबनान के बीच की सीमा है जहां वर्तमान में इजरायली सैनिक हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।