अमेरिका का 'सुरक्षा कवच' फेल! ईरान ने समंदर से लेकर जमीन तक मची तबाही, 6 सैनिकों की मौत से दहला व्हाइट हाउस

US-Iran War: ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में कुवैत, कतर और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हमलों में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत और रडार सिस्टम के तबाह होने की खबर है।
Iran Attack on US Military Bases
ईरान के हमले से अमेरिकी एयरबेस को भारी नुकसान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Attack on US Military Bases: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे हमले गंभीर तबाही मचा रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेसों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। इन हमलों में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक,  कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां शुएबा बंदरगाह पर टैक्टिकल ऑपरेशन सेंटर पूरी तरह तबाह हो गया और छह अमेरिकी सैनिक शहीद हुए। वहीं अली अल सलेम एयर बेस पर विमानों के हैंगर क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कैंप बुहरिंग में ईंधन और रखरखाव की सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

एयर बेस का वार्निंग रडार सिस्टम तबाह

कतर के अल उदेद एयर बेस पर ईरानी हमले में अमेरिकी सेना की शुरुआती चेतावनी प्रणाली (Early-Warning Radar System) पूरी तरह नष्ट हो गई। यह बेस मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य केंद्र माना जाता है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसी तरह बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Navy’s Fifth Fleet) के मुख्यालय पर हमला हुआ, जिससे नौसेना के संचालन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भीषण हमला

सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले हुए। इस हमले में संचार उपकरण और कई रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा, और यह बेस रणनीतिक दृष्टि से अमेरिकी सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

ईरानी हमसे से तनाव बढ़ा

इन हमलों से स्पष्ट है कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में हुए हमलों ने क्षेत्रीय तनाव और भी बढ़ा दिया है। अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले न केवल सैन्य क्षति बढ़ा रहे हैं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते मिडिल ईस्ट में संघर्ष की संभावनाएँ और जटिल होती जा रही हैं।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मीडिया रिपोर्ट से अलग दावा करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है और वो जल्दी से समझौता करना चाहते हैं।

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