पूर्व इजरायली सेना प्रमुख हेरजी हलेवी, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Israel Former Army Chief Herzi Halevi Phone Hacked: इजरायल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा और खुफिया तंत्र को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ईरान से जुड़े एक कुख्यात हैकर ग्रुप ‘हंदाला’ ने दावा किया है कि उसने इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ हेरजी हलेवी के फोन में सफलतापूर्वक सेंधमारी की है।
हैकर्स का दावा है कि उन्होंने हलेवी के निजी डिवाइस से बड़ी मात्रा में अति-संवेदनशील और गोपनीय डेटा हासिल कर लिया है जो इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
हैकर ग्रुप ‘हंदाला’ ने अपनी वेबसाइट पर दावा किया कि वे पिछले कई सालों से हलेवी के सिस्टम में ‘चुपचाप और अदृश्य’ तरीके से मौजूद थे। इस लंबी अवधि के दौरान, उन्होंने 19,000 से अधिक गोपनीय तस्वीरें और वीडियो हासिल किए हैं।
हैकर्स के अनुसार, इन लीक फाइलों में इजरायल की टॉप-सीक्रेट सैन्य सुविधाएं, कमांड सेंटर, क्राइसिस मैनेजमेंट रूम और रणनीतिक नक्शों से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। हैकर ग्रुप ने इजरायली तंत्र का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि हलेवी के माध्यम से इजरायली सैन्य ढांचा उनके लिए एक ‘खुली किताब’ की तरह रहा है।
लीक की गई सामग्री में हेरजी हलेवी के उन दौरों की भी जानकारी है जिन्हें पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया था। एक प्रमुख खुलासे में हलेवी को जॉर्डन में वहां के सेना प्रमुख मेजर जनरल यूसुफ हुनैती से गुप्त रूप से मिलते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह दौरा इतना गोपनीय था कि हलेवी बिना सैन्य वर्दी के सिविल ड्रेस में जॉर्डन पहुंचे थे। जहां उन्होंने हुनैती को 1967 के युद्ध का एक ऐतिहासिक खंजर भेंट किया था।
इसके अलावा, कतर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व प्रमुख माइकल कुरिल्ला के साथ उनकी गुप्त बैठकों के फोटो भी सार्वजनिक किए गए हैं। डेटा लीक में हलेवी के पारिवारिक जीवन की तस्वीरें और उनकी पत्नी का आईडी कार्ड भी शामिल बताया जा रहा है।
हालांकि इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) या खुद हेरजी हलेवी की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यदि ये दावे सच साबित होते हैं तो यह इजरायल की साइबर सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जाएगा। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की निजता का उल्लंघन है बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।
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यह पहली बार नहीं है जब ‘हंदाला’ ग्रुप ने इजरायली नेतृत्व को निशाना बनाया है। इससे पहले भी यह ग्रुप इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट, पूर्व न्याय मंत्री अयलेट शाकेद और वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ के डिजिटल डिवाइस हैक करने का दावा कर चुका है। वर्तमान में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इस घटना ने दुनिया भर में साइबर युद्ध के बढ़ते खतरों को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।