'अंदर से टूट चुकी है इजरायली फौज!' ईरान युद्ध के बीच IDF चीफ का सनसनीखेज बयान, नेतन्याहू सरकार को दी चेतावनी

Israel-Iran War: IDF प्रमुख एयाल जमीर ने चेतावनी दी है कि सैनिकों की भारी कमी के कारण इजरायली सेना 'अंदर से टूट' सकती है। 12,000 सैनिकों की कमी से सैन्य अभियानों पर संकट मंडरा रहा है।
IDF Manpower Crisis
इजरायल में सैनिकों की कमी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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IDF Manpower Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गंभीर चेतावनी दी है कि बढ़ते युद्ध दबाव और सैनिकों की भारी कमी के कारण इजरायली सेना “अंदर से कमजोर होकर टूट सकती है।” जमीर ने कहा कि इसका जल्द से जल्द उपाय करना जरूरी है।

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह चिंता सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान जताई। जनरल जमीर ने मंत्रियों के सामने कई बड़े खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि सेना की मौजूदा स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होती जा रही है और तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

IDF में सैनिकों की भारी कमी

उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर भर्ती कानून, रिजर्व ड्यूटी कानून और अनिवार्य सैन्य सेवा को बढ़ाने जैसे फैसले तुरंत नहीं लिए गए, तो IDF सामान्य कामकाज करने में भी असमर्थ हो सकती है। उनके अनुसार, “अगर जरूरी सुधार नहीं किए गए तो सेना का रिजर्व सिस्टम भी पूरी तरह चरमरा सकता है।” यह पहली बार नहीं है जब जनरल जमीर ने इस मुद्दे को उठाया हो। इससे पहले जनवरी में भी उन्होंने प्रदानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर चेताया था कि सैनिकों की कमी जल्द ही सेना की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

2023 से लगातार युद्ध लड़ रहा इजरायल

दरअसल, गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद से IDF लगातार संसद को बता रही है कि उसके पास करीब 12,000 सैनिकों की कमी है। लगातार चल रहे सैन्य अभियानों ने इस दबाव को और बढ़ा दिया है।

इजरायल हाई कोर्ट का फैसला

इस संकट को और जटिल बनाने वाली बात यह है कि इजरायल में अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हारेदी) समुदाय को अब भी सैन्य सेवा से छूट दी जा रही है। 2024 में इजरायल हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि येशिवा छात्रों को दी जा रही यह छूट कानूनी रूप से उचित नहीं है, फिर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद जारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 18 से 24 वर्ष के लगभग 80,000 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स युवा सैन्य सेवा के योग्य हैं, लेकिन उन्होंने अब तक सेना में भर्ती नहीं ली है। ऐसे में सेना प्रमुख की यह चेतावनी इजरायल के लिए एक संभावित बड़े सैन्य और आंतरिक संकट का संकेत मानी जा रही है।

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