ट्रंप को जमीन पर मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में ईरान, सीमा पर सैनिकों से मिलने पहुंचे कमांडर जहांशाही- VIDEO

US-Iran War: ईरानी कमांडर अमीर सरतीप अली जहांशाही ने सीमाओं का दौरा कर सुरक्षा का भरोसा दिया है। अमेरिकी ग्राउंड ऑपरेशन की आहट के बीच रूस ने भी ईरान के प्रति अपना समर्थन जताया है।
Irani Ground Troops
सैनिकों से मिलने पहुंचे ईरानी सेना के कमांडर जहांशाही (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Irani Ground Troops: ईरान में अमेरिकी सैनिकों के संभावित ग्राउंड ऑपरेशन के बीच, ईरान के ग्राउंड फोर्सेज के कमांडर अमीर सरतीप अली जहांशाही ने ईरान की सीमाओं का दौरा किया और देश की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान का प्रत्येक इंच जवानों की चौकस निगरानी और तैयारी से पूरी तरह सुरक्षित है।

उनके मुताबिक, दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए ईरान तैयार है। यह तैयारी विशेष रूप से अमेरिकी सेना के संभावित हमले से निपटने के लिए की जा रही है, क्योंकि अमेरिका अपनी खतरनाक सैन्य टुकड़ी को मध्य-पूर्व में तैनात करने वाला है। वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत दे रही हैं कि युद्ध एक नया मोड़ ले सकता है, खासकर जब ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही है।

गालिबफ ने की सेना की तारीफ

ईरान की संसद के अध्यक्ष गालिबफ ने भी इस संकटपूर्ण समय में ईरानी जनता और सशस्त्र बलों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि ईरान की सड़कों पर 25 रातों तक सैनिकों की उपस्थिति और बलिदान ने एक ऐतिहासिक विजय की परिस्थितियां तैयार की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बाहरी शक्ति ईरान को अल्टीमेटम नहीं दे सकती, और युद्ध के इस भयावह चक्र को समाप्त करने के लिए ईरानी लोग कृतसंकल्प हैं।

पेजेशकियान ने रूस को दिया धन्यवाद

इस बीच, मसूद पेजेशकियान ने रूस को धन्यवाद दिया और कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का संदेश और रूसी जनता का समर्थन ईरान के प्रतिरोध को प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष नए बंधन और सहयोग के द्वार खोलेगा, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा, विशेषकर पूर्वी एशिया में।

विदेश मंत्री अराघची ने जताई चिंता

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी सैनिकों की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिकी सैनिक जीसीसी (गुल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) में स्थित सैन्य ठिकानों से भागकर होटलों और दफ्तरों में छिप गए हैं, और वे नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि जीसीसी के होटल, अमेरिका के अधिकारियों को बुकिंग देने से इनकार करें, जो स्थानीय नागरिकों के लिए खतरा हो सकते हैं।

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