Iran War Deaths: ईरान जंग में इजराइल और अमेरिका से भी ज्यादा भारतीयों की मौत, भारतीय कामगारों में खौफ
Iran War Deaths: ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रही भयंकर जंग में एक बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस खतरनाक युद्ध में इजराइल और अमेरिका से ज्यादा भारतीयों की जान गई है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान जंग में इजराइल और अमेरिका से भी ज्यादा भारतीयों की मौत (सोर्स-AI डिज़ाइन)
Iran War Deaths More Indians Killed Than US Or Israel: ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे इस भीषण युद्ध ने खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर दी है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस विनाशकारी जंग में अब तक कई बड़े ईरानी नेताओं की हत्या की जा चुकी है।
इस युद्ध में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें अमेरिका और इजराइल से भी ज्यादा भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। कतर से लेकर ओमान तक के इलाके में हो रहे इन मिसाइल हमलों से वहां मौजूद लाखों भारतीय कामगारों में बहुत ही भारी खौफ का माहौल बना हुआ है।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार कतर के रास लाफान में हुए एक बड़े हमले में 12 भारतीय मजदूरों की बहुत ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके अलावा होर्मुज में भी छह अन्य भारतीय नागरिकों की जान गई है जिनमें से तीन मौतें एक अमेरिकी हमले के दौरान हुई थीं।
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इन मौतों पर अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन करके अपनी बहुत ही कड़ी नाराजगी भी जाहिर की थी। युद्ध के इस विकराल रूप को देखते हुए भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर काफी ज्यादा सतर्क और चिंतित नजर आ रही है।
खाड़ी देशों में भारतीयों की तादाद
ईरान और मध्य पूर्व के इन देशों में काम करने वाले भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है जिसके कारण खतरा भी सबसे अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब में 27 लाख और यूएई में 43 लाख भारतीय प्रवासी इस समय काम करते हैं।
इसी तरह कुवैत में 10 लाख और कतर में 8 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक अपनी रोजी-रोटी के लिए वहां रहते हैं। कतर के जिस रास लाफान गैस प्लांट पर हाल ही में हमला हुआ था वहां भी काफी ज्यादा संख्या में भारतीय काम करते हैं।
होर्मुज में फंसे जहाज और मजदूर
होर्मुज जलडमरूमध्य में इस भीषण युद्ध के कारण जो व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं उन पर काम करने वाले अधिकांश मजदूर भारतीय ही हैं। हालिया और ताजा डेटा के मुताबिक होर्मुज में फंसे 550 जहाजों पर 18 हजार से ज्यादा भारतीय कामगार इस समय पूरी तरह से फंसे हैं।
अगर आने वाले दिनों में इन जहाजों पर कोई भी बड़ा सैन्य हमला होता है तो भारतीयों की मौत का आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। यही कारण है कि भारत सरकार लगातार कूटनीतिक रास्तों से इस युद्ध को रोकने और शांति बहाल करने की पूरी कोशिश कर रही है।
ईरान के शीर्ष नेताओं की हत्या
इस खतरनाक जंग में ईरान के कई शीर्ष नेताओं और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाकर बहुत ही सटीक रूप से खत्म किया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या इस भीषण युद्ध की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली घटनाओं में से एक रही है।
इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी की भी हत्या हो चुकी है। इस नेतृत्व संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और भी ज्यादा गहरी हो गई है जिससे युद्ध के और भड़कने की पूरी आशंका है।
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कूटनीतिक तनाव और भारत का रुख
अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव थोड़ा बढ़ गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी युद्ध में बेगुनाह भारतीयों की जान जाने को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारत लगातार खाड़ी देशों और सभी युद्धरत पक्षों से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहा है। आने वाले समय में अगर यह युद्ध नहीं रुकता है तो भारत को अपने नागरिकों को निकालने के लिए बहुत ही बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ सकता है।
