कतर बेस पर लौटे अमेरिकी विमान, ईरान ने खोला अपना एयरस्पेस; क्या थम गया महायुद्ध?

Iran-US Tension: मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर सुरक्षा अलर्ट स्तर घटा दिया गया है और ईरान ने भी पांच घंटे बाद अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया है।
US planes have returned to the base in Qatar, and Iran has reopened its airspace; has the potential Iran-US conflict been averted?
ईरान-अमेरिका तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran-US War Latest News In Hindi: एक ओर जहां दुनिया मिडिल-ईस्ट में एक और भीषण युद्ध की आशंका जता रही थी वहीं अब वहां से शांति के संकेत मिलने लगे हैं। सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्ट के अनुसार, कतर स्थित अल उदीद मिलिट्री बेस से बुधवार को हटाए गए अमेरिकी विमान अब धीरे-धीरे वापस लौटने लगे हैं।

अधिकारियों ने सुरक्षा चेतावनी के स्तर को कम कर दिया है और उन कर्मचारियों को भी काम पर लौटने की अनुमति दे दी गई है जिन्हें अस्थायी रूप से बेस छोड़ने की सलाह दी गई थी।

ईरान ने भी दिखाए नरमी के संकेत

तनाव के चरम पर होने के दौरान ईरान ने बुधवार देर शाम अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था जिसे अब करीब पांच घंटे बाद फिर से खोल दिया गया है। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, एयरस्पेस खुलते ही ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों ने दोबारा उड़ान भरना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, ईरान के भीतर मानवाधिकारों के मोर्चे पर भी राहत की खबर है। ईरानी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश में किसी को फांसी देने की योजना नहीं है। विशेष रूप से, 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी की प्रस्तावित फांसी को फिलहाल टाल दिया गया है जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक 'अच्छी खबर' करार दिया है।

ट्रंप की 'वेट एंड वॉच' नीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो अपने कड़े रुख के लिए जाने जाते हैं अब कुछ नरम नजर आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका अब ईरान के प्रति 'इंतजार करो और देखो' की नीति अपनाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर उल्लेख किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मौतों की संख्या कम हो रही है।

हालांकि, ट्रंप ने वेनेजुएला जैसे अन्य लक्ष्यों की ओर इशारा किया है लेकिन ईरान पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प पूरी तरह से बंद हुआ है या नहीं, इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भविष्य की अनिश्चितता और कूटनीतिक दबाव

भले ही मौजूदा स्थिति में सीधे सैन्य टकराव के आसार कम दिख रहे हों लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि क्षेत्र की स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील है। ट्रंप ने ईरान के निर्वासन में रह रहे नेता रजा पहलवी की नेतृत्व क्षमता पर भी संदेह जताया है, जिससे अमेरिका की भावी रणनीति और भी जटिल हो गई है। फिलहाल, अमेरिका सीधा हमला करने के बजाय ईरान पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम करता दिख रहा है।

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