Hormuz Strait खोलने पर ईरान ने रखी बड़ी शर्त, अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ दी सख्त चेतावनी

Hormuz Strait Crisis: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए फंड को रिलीज करने और सभी जहाजों के लिए IRGC की अनुमति को अनिवार्य करने की बड़ी शर्त दुनिया के सामने रखी है।
Iran Demands Unfrozen Funds and IRGC Approval to Open Hormuz Strait Amid US Blockade Threat
होर्मुज स्ट्रेट संकट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Hormuz Strait Global Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और शिपिंग संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग को लेकर ईरान ने अपनी नई शर्तें रखी हैं, जिससे Hormuz Strait से वैश्विक संकट पर पूरी दुनिया की नजर टिक गई है। ईरान ने साफ किया है कि जलमार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को अब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की अनुमति हर हाल में लेनी होगी। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए अपने फंड को तुरंत जारी करने की भी बड़ी मांग पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखी है।

होर्मुज स्ट्रेट का रणनीतिक महत्व

Hormuz Strait दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक जलमार्गों में से एक है, जहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुचारू रूप से चलता है। दुनिया के लगभग 20 फीसदी कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति इसी एकमात्र रास्ते से होकर पूरी दुनिया में की जाती है। लेकिन 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद से यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध होकर रह गया था।

लंदन में अहम मिलिट्री कांफ्रेंस

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने Hormuz Strait में शिपिंग की आजादी को बहाल करने के लिए एक बहुत ही बड़ी घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर बताया कि एक दर्जन से ज्यादा देश इस जलमार्ग को सुरक्षित करने वाले रक्षा मिशन में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा फ्रांस और ब्रिटेन ने पेरिस में 49 देशों की बैठक की अध्यक्षता भी की है, जहां बहुराष्ट्रीय सुरक्षा मिशन की तैयारियों पर चर्चा हुई।

ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, Hormuz Strait से नागरिक जहाजों को केवल उनके निर्धारित रास्तों से ही शांतिपूर्वक गुजरने दिया जाएगा। ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश के सैन्य जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी जारी रखता है तो वह सख्त जवाबी कार्रवाई जरूर करेगा।

आईआरजीसी की अनुमति हुई अनिवार्य

लेबनान में सीजफायर के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जलमार्ग को कमर्शियल जहाजों के लिए खुला घोषित कर दिया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की अनुमति को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए उनके फंड को रिलीज करने को भी इस व्यापारिक समझौते का अहम हिस्सा बताया है।

वैश्विक ऊर्जा संकट का बढ़ता खतरा

Hormuz Strait में आई इस भारी बाधा के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। शिपिंग एसोसिएशन BIMCO ने भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की लेन की स्थिति अभी भी बिल्कुल स्पष्ट नहीं है। इसी बढ़ते तनाव के बीच अब ग्लोबल मार्केट की निगाहें अगले हफ्ते लंदन में होने वाली अहम सैन्य योजना बैठक पर पूरी तरह टिकी हुई हैं।

अमेरिकी नौसेना का कड़ा रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान द्वारा जलमार्ग खोलने के इस बड़े ऐलान का खास तौर पर जिक्र किया है। लेकिन अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि समुद्र में मौजूद समुद्री सुरंगों के भारी जोखिम की स्थिति अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय दबाव और संयुक्त सैन्य मिशन के जरिए तेल की इस ग्लोबल सप्लाई लाइन को सुरक्षित करना एक बहुत ही बड़ी चुनौती बन गया है।

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