

Taranjit Sandhu Delhi Lieutenant Governor: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली के नए उपराज्यपाल के रूप में नियुक्त किए जाने पर अपनी खास बधाई दी है। Donald Trump ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट के जरिए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में संधू के अहम योगदान और उनके लंबे अनुभव को याद किया। उन्होंने पूर्व राजदूत संधू की कूटनीतिक कुशलता की तारीफ करते हुए उन्हें दिल्ली के विकास और वैश्विक संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए शुभकामनाएं दी हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब अनुभवी राजनयिकों को भारत के भीतर महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपने का नया चलन बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है।
Donald Trump ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल बनने पर विशेष तौर पर बधाई दी है। Donald Trump ने कहा कि एक अनुभवी राजनयिक के रूप में संधू ने हमेशा से दोनों देशों के बीच संबंधों को सशक्त बनाने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है। उनका यह संदेश संधू की वॉशिंगटन में बनी बेहद मजबूत पहचान और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने में उनकी बड़ी भूमिका को पूरी तरह रेखांकित करता है।
संधू का वॉशिंगटन में राजदूत के रूप में कार्यकाल ऐसे अहम समय में रहा था, जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध काफी मजबूत हो रहे थे। इस महत्वपूर्ण दौरान उन्होंने अमेरिकी सांसदों, शीर्ष अधिकारियों और वहां मौजूद बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ लगातार एक सक्रिय संवाद बनाए रखा था। Donald Trump ने इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई दिशा देने और उन्हें मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने नई दिल्ली में तरणजीत सिंह संधू के बेहतरीन नेतृत्व को लेकर अपना पूरा भरोसा जताया है। ट्रंप ने कहा कि दिल्ली के विकास का नेतृत्व करने और वैश्विक संबंधों को आगे बढ़ाने में उन्हें बड़ी सफलता मिले, यही मेरी शुभकामनाएं हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल की यह अहम भूमिका राष्ट्रीय राजधानी के पूरे प्रशासन की निगरानी करने में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिल्ली में उपराज्यपाल को चुनी हुई सरकार के साथ मिलकर कई बड़े नीतिगत और महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में अपनी खास भूमिका निभानी होती है। संधू की इस पद पर नियुक्ति उस व्यापक रुझान को भी दर्शाती है, जिसमें अब बड़े और अनुभवी राजनयिकों को सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। यह बदलाव विशेष रूप से ऐसे समय में किया जा रहा है जब पूरी दुनिया में भारत की वैश्विक भागीदारी और कूटनीतिक धाक तेजी से बढ़ रही है।
हाल के कुछ वर्षों में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार और उभरती तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग काफी तेजी से बढ़ा है। दोनों ही देशों के अधिकारी इस खास साझेदारी को हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और विश्व के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। उच्चस्तरीय दौरे, कई संयुक्त सैन्य अभ्यास और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय अब इस मजबूत साझेदारी की सामान्य विशेषताएं बन चुकी हैं।
भारत और अमेरिका के बीच ये रिश्ते विभिन्न सरकारों के दौरान हमेशा से मजबूत बने रहे हैं और इसमें किसी भी तरह की गिरावट नहीं आई है। वॉशिंगटन में नई दिल्ली के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाने को लेकर हमेशा से एक बहुत ही व्यापक और सकारात्मक समर्थन देखा जाता है। यह माना जा रहा है कि संधू का यह नया पद उनके पुराने संपर्कों की मदद से दिल्ली के वैश्विक विकास में बहुत ही मददगार साबित हो सकता है।
संधू का लंबा कूटनीतिक करियर अब दिल्ली की जनता और यहां के प्रशासनिक ढांचे को और ज्यादा सुदृढ़ बनाने के काम आने वाला है। एक पूर्व राजदूत के तौर पर उनकी गहरी समझ और अंतरराष्ट्रीय अनुभव राष्ट्रीय राजधानी को सीधे तौर पर कई बड़े वैश्विक मंचों से जोड़ सकता है। भारत सरकार का यह फैसला साबित करता है कि कूटनीति के जानकारों का इस्तेमाल अब आंतरिक व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए भी किया जाएगा।