अब आसमान से ‘मौत’ की बारिश करेगा ईरान, मिसाइल-ड्रोन के बाद मंडराया एसिड रेन का खतरा, क्यों खौफ खा रहा दुश्मन?
Middle-East Tension: US, इजरायल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग में से एक-दूसरे को खत्म करने के लिए जानलेवा हमले किए जा रहे हैं। इनमें मिसाइल, ड्रोन और बम शामिल हैं। लेकिन अब एक खौफना खबर सामने आई है।
- Written By: अभिषेक सिंह
सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड)
US, Israel-Iran War: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग में से एक-दूसरे को खत्म करने के लिए जानलेवा हमले किए जा रहे हैं। इनमें मिसाइल, ड्रोन और बम शामिल हैं। इस बीच वेस्टर्न मीडिया का एक हिस्सा ईरान की तरफ से एसिड रेन शुरू करने की आशंका जाहिर कर रहा है
इस खबर के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह कैसी बारिश है, जिससे वेस्टर्न मीडिया डर रहा है। क्या ईरान इस तरह की एसिड रेन का इस्तेमाल अपने दुश्मनों, US और इजरायल को हराने के लिए कर सकता है? चलिए इन सभी सवालों के जवाब तलाशते हैं…
आखिर क्या होती है यह एसिड रेन?
दरअसल, एसिड रेन वह बारिश होती है जिसमें नॉर्मल से ज्यादा एसिड होता है। नॉर्मल बारिश का pH लेवल 5.6 होता है, जबकि एसिड रेन में यह लेवल 4.0 से नीचे जा सकता है। इसका मुख्य कारण बारिश में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) जैसे पॉल्यूटेंट का होना है, जो फॉसिल फ्यूल जलाने, इंडस्ट्रियल एमिशन या युद्ध से जुड़ी आग से निकलते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
अमेरिका के बाइट ऑफ सिएटल फूड फेस्टिवल में चलीं गोलियां, 2 की मौत; मासूम सहित कई घायल
Canada Forest Fire: ‘साफ हवा, साफ बॉर्डर’! कनाडा की आग पर भड़के ट्रंप, शेयर की AI ‘एयर फिल्टर’ तस्वीर
रोक दिए गए हैं हवाई हमले… अब उनके पास केवल दो रास्ते, ईरान जंग पर ट्रंप का अगला कदम क्या?
NEET Paper Leak: अमेरिका में क्यों लीक नहीं होता मेडिकल का पेपर, इंन्फ्लुएंसर ने बताई बड़ी वजह
क्यों घातक मानी जाती है एसिड रेन?
यह सभी गैसें वातावरण में पानी के साथ मिलकर रिएक्ट करती हैं। जिसके चलते सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड बनती है। यह एसिड फिर बारिश के साथ जमीन पर गिरता है। इसी एसिड रेन के चलते स्किन की गंभीर बीमारिया होती हैं। साथ ही अन्य कई नुकसान भी होते हैं।
अतीत में दिख चुका है भयावह रूप
इसका उदाहरण खाड़ी युद्ध के दौरान देखने को मिला था। इस वॉर के दौरान, कुवैत में तेल के कुओं में आग लग गई थी। इस आग से बहुत ज्यादा SO2 निकला, जिससे इराक, ईरान, सीरिया और तुर्की में एसिड रेन हुई। इससे इन देशों के लोगों में लंबे समय तक स्किन की बीमारियां हुईं।
ईरान करेगा एसिड रेन अटैक?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान सीधे तौर पर एसिड रेन नहीं कर सकता। लेकिन, ऐसी स्थिति तब आ सकती है जब युद्ध के दौरान उसके तेल के कुओं में आग लग जाए या अगर ईरानी हमलों की वजह से गल्फ देशों में तेल के कुओं या रिफाइनरियों में आग लग जाए। अगर ऐसा होता तो आस-पास के सभी गल्फ देशों को इसका नतीजा भुगतना पड़ता।
आखिर क्यों खतरनाक है एसिड रेन?
एसिड रेन को सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। इसका असर पर्यावरण, सेहत और इकोनॉमी पर पड़ता है। यह जंगलों को खत्म कर देता है और नदियों और झीलों का पानी खारा कर देता है, जिससे वह पीने लायक नहीं रहता। इससे उनमें रहने वाले जानवर भी मर जाते हैं। एसिड रेन मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम कर देता है, जिससे खेती करना मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान को अंतिम चेतावनी: बातचीत का समय खत्म, अब सिर्फ नेतृत्व विनाश तक चलेगा युद्ध
एसिड रेन के सेहत पर पड़ने वाले असर की बात करें तो, इससे सांस की दिक्कतें, अस्थमा और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस बारिश में मौजूद पॉल्यूटेंट शरीर में जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है और इमारतों की दीवारों को कमजोर कर देता है। यही वजह है कि एसिड रेन पीढ़ियों को प्रभावित करने वाली मानी जाती है।
