स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल वसूलेगा ईरान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Strait of Hormuz Toll: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का फैसला किया है। सोमवार को ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रबंधन योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत होर्मुज के रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। योजना में सुरक्षा इंतजाम, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय व्यवस्थाएं और रियाल-आधारित टोल प्रणाली लागू करने के प्रावधान शामिल हैं।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा उन देशों के जहाजों पर भी रोक रहेगी, जो ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में शामिल हैं। इस योजना के कानूनी ढांचे को बनाने और कार्यान्वयन में ईरान ने ओमान के साथ सहयोग करने की रूपरेखा तय की है। ईरान ने यह योजना तब लागू की है जब एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को खोलने को लेकर धमकी दी थी।
ईरान के सरकारी टीवी IRIB ने बताया कि यह कदम अमेरिका-इजरायल गठबंधन के साथ चल रहे युद्ध के बीच उठाया गया है। ईरान ने 28 फरवरी से इस युद्ध में होर्मुज स्ट्रेट का उपयोग रणनीतिक हथियार के रूप में किया है। इस रास्ते का यातायात ईरानी अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा।
होर्मुज स्ट्रेट लगभग 161 किलोमीटर लंबा है और यह मार्ग विश्व के कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत परिवहन करता है। ईरान द्वारा स्ट्रेट को नियंत्रित करने और टोल लगाने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है, और तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ गई हैं। ईरान का यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि यह जलमार्ग उनके लिए पूरी तरह खुला नहीं रहने देगा। अमेरिका ने स्ट्रेट को मुक्त कराने की धमकी दी थी, लेकिन ईरान इस पर अडिग है।
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इस नई व्यवस्था से ईरान को आर्थिक लाभ भी होने की संभावना है, क्योंकि यह दुनिया के व्यस्ततम समुद्री मार्गों में से एक है और इसके टोल से राज्य को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होगा। वहीं, इस निर्णय ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर दबाव बढ़ा दिया है। इस प्रकार, होर्मुज स्ट्रेट अब ईरान की रणनीति का प्रमुख हिस्सा बन गया है, जो अमेरिका और इजरायल के लिए चुनौती पेश करता है और वैश्विक तेल व्यापार पर असर डालता है।