ईरान युद्धविराम के लिए तैयार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Ready for Ceasefire: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध में फिलहाल युद्धविराम की कोई संभावना नहीं दिख रही है। इस बीच, ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए छह शर्तें रखी हैं। ईरान का कहना है कि अगर तबाही रोकनी है तो युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करना होगा। शर्तें स्वीकार करें, नहीं तो यदि ईरान पर हमले होंगे, तो बदले में हमले लगातार जारी रहेंगे।
ईरान के एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी ने लेबनानी मीडिया आउटलेट अल मयादीन से इंटरव्यू में कहा कि तेहरान ने युद्ध की शर्तों को औपचारिक रूप से निर्धारित कर दिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को 48 घंटे के भीतर खोलने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो पावर ग्रिड पर हमले किए जाएंगे।
इस पर पलटवार करते हुए, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक करने और खाड़ी देशों के पावर ग्रिड पर हमला करके उन्हें अंधेरे में डुबोने की धमकी दी है। इस बीच, ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए छह शर्तें घोषित की हैं, जो न केवल युद्धविराम बल्कि पूरे क्षेत्रीय ढांचे में बदलाव का संकेत देती हैं।
माना जा रहा है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं, ऑपरेशनल सहनशक्ति और होर्मुज स्ट्रेट पर रणनीतिक प्रभुत्व के कारण, अब वह युद्धविराम की पूर्व शर्तों पर नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जोर दे रहा है। हाल के हमलों ने इजरायल के अराद और डिमोना क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है और उसकी रक्षात्मक स्थिति को चुनौती दी है।
ईरान के अधिकारी ने कहा कि ये कदम किसी प्रतिक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि महीनों पहले तैयार की गई रणनीति का हिस्सा हैं। पहले सैचुरेशन-स्टाइल मिसाइल हमलों की बजाय, अब ईरान ने सटीक निशाने और महत्वपूर्ण ठिकानों को प्राथमिकता दी है। प्रमुख वायु रक्षा संरचनाओं को नष्ट करके, ईरान ने दुश्मन के आसमान पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। उनका कहना है कि हमले तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक पूरी तरह से युद्धविराम की गारंटी नहीं मिल जाती।
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ईरानी अधिकारी ने कहा कि मौजूदा सैन्य संतुलन को देखते हुए, युद्धविराम की कोई तत्काल संभावना नहीं है। तेहरान की नीति अब हमलावर को सजा देने पर केंद्रित है, जब तक इजरायल और अमेरिका दोनों को सही ढंग से सजा नहीं मिलती। इजरायल को इसके किए की सजा जरूर दी जाएगी। ईरान का कहना है कि वे अपने देश और नागरिकों की रक्षा कर रहे हैं।