Iran Ship Blockade: शांति वार्ता के बीच अमेरिका ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाज को रोका
Iran Ship Blockade: होर्मुज नाकाबंदी के कारण ऊर्जा संकट गहरा गया है। अमेरिकी नौसेना ने 24 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट में एक ईरानी जहाज को रोक दिया। यह कदम इस्लामाबाद वार्ता से पहले उठाया गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
मेरिका ने ईरानी जहाज रोका (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Iran Ship Blockade Issue: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार चरम पर पहुंचता जा रहा है और हालात गंभीर बने हुए हैं। इस बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका-ईरान नाकाबंदी के मुद्दे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी नौसेना ने अपनी ताकत दिखाते हुए एक बार फिर ईरान के एक बड़े जहाज को बीच समुद्र में ही रोक दिया है। यह अहम घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले अमेरिका का यह कदम बेहद सख्त माना जा रहा है। अमेरिकी सेना ने अप्रैल महीने की शुरुआत से ही ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ कड़ा नेवल ब्लॉकेड लागू कर रखा है। इस सख्त पाबंदी का मुख्य उद्देश्य ईरान के बढ़ते व्यापार और अंतरराष्ट्रीय तेल निर्यात को पूरी तरह से सीमित करना है। इस लगातार जारी ब्लॉकेड के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा का एक बहुत बड़ा संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है।
अमेरिकी नौसेना की सख्त कार्रवाई
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस राफेल (DDG 115) ने 24 अप्रैल को यह बड़ी कार्रवाई की है। इस युद्धपोत ने ईरानी झंडे वाले एक बड़े जहाज को उस समय इंटरसेप्ट किया जब वह बंदरगाह की ओर जा रहा था। अमेरिका की इस आक्रामक कार्रवाई के बाद समुद्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर भारी अनिश्चितता फैल गई है।
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होर्मुज स्ट्रेट में मंडराता संकट
इस अमेरिकी पाबंदी का सबसे भयानक असर व्यापारिक दृष्टि से अहम होर्मुज स्ट्रेट पर साफ देखने को मिल रहा है। यह एक ऐसा प्रमुख समुद्री मार्ग है जहां से पूरी दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल और एलएनजी सप्लाई गुजरता है। मौजूदा खराब हालात के कारण इस इलाके में जहाजों की आम आवाजाही में बहुत ही भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जहाजों की आवाजाही में कमी
हाल ही में सामने आई नई रिपोर्ट्स के मुताबिक 22 और 23 अप्रैल के बीच केवल सात जहाज ही यहां से गुजर पाए हैं। इन सात में से छह जहाज सीधे तौर पर ईरान से जुड़े अहम व्यापार में शामिल बताए गए थे। अमेरिका की इस रणनीति के तहत अब तक दर्जनों बड़े जहाजों को वापस लौटने के लिए मजबूर किया जा चुका है।
वैश्विक तेल सप्लाई पर भारी असर
होर्मुज स्ट्रेट में आई इन बड़ी रुकावटों ने पूरी दुनिया के वैश्विक ऊर्जा बाजार पर काफी गहरा नकारात्मक असर डाला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जरूरी तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से इनकी कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। इस खतरनाक टकराव का सीधा असर अब सिर्फ क्षेत्रीय न रहकर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी
इन सभी सैन्य तनावों के बीच कूटनीतिक कोशिशें भी किसी तरह से आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता जल्द ही होने वाली है। ईरान का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री अब्बास अराघची की अगुवाई में इस्लामाबाद पहले ही पहुंच चुका है।
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प्रत्यक्ष बातचीत की कोई संभावना नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय ने पहले ही बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि वे अमेरिका से आपस में कोई सीधी बात नहीं करेंगे। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेएर्ड कुश्नर और स्टीव विटकॉप का प्रतिनिधिमंडल रवाना हुआ है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ये दोनों देश केवल पाकिस्तानी कूटनीतिक चैनल के जरिए ही एक-दूसरे से बात करेंगे।
