‘नहीं करेंगे सीजफायर…’, अमेरिका के जमीनी कार्रवाई के फैसले पर भड़के ईरानी विदेश मंत्री, ट्रंप को दे दी धमकी
Iran Warns US: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बावजूद ईरान ने नरमी नहीं दिखाई। विदेश मंत्री अराघची ने कहा, देश जमीनी हमले के लिए तैयार है और बातचीत से इंकार किया।
- Written By: अक्षय साहू
विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया)
Abbas Araghchi on US Ground Invasion: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपनी सख्त नीति नहीं बदली है। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अमेरिका के किसी भी जमीनी हमले के लिए तैयार है। अराघची की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और इजरायल ईरान में जमीनी अभियान की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
हाल ही में NBC के साथ एक इंटरव्यू में अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया। उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए तेहरान से इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने सीजफायर की मांग नहीं की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अमेरिका के जमीनी हमले का डर है, तो उन्होंने कहा, “नहीं, हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि हम उनका सामना कर सकते हैं। यह उनके लिए बड़ी मुसीबत होगी।”
लंबे समय से युद्ध की तैयारी कर रहा ईरान
अब्बास अराघची ने आगे कहा कि ईरान की फोर्स लंबे समय से युद्ध के लिए तैयार है और वह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी इसे बढ़ावा देना चाहे, उसके लिए यह एक कठिन रास्ता बने। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रशासन के साथ दो बार बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों बार बातचीत के बीच हमले किए गए, और उन्होंने इसे पूरी तरह अमेरिका की जिम्मेदारी बताया।
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ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बावजूद कभी सीजफायर नहीं मांगी। उन्होंने जून में इजरायल के साथ 12 दिन चले युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली बार भी सीजफायर की मांग ईरान ने नहीं की थी, बल्कि इजरायल ने बिना शर्त इसे स्वीकार किया था। उस दौरान अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर बमबारी भी की थी।
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अमेरिका ने कभी नहीं की अच्छी नीयत से बात
अराघची ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत का ईरान के लिए कोई अच्छा अनुभव नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पिछले साल और इस साल दो बार बातचीत हुई, लेकिन बातचीत के बीच में ही हमले किए गए। इसलिए ईरान को अब ऐसे पक्ष के साथ फिर से वार्ता करने का कोई कारण नहीं दिखता जो ईमानदार न हो और अच्छी नीयत से बातचीत न करे।
