मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में फांसी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Iran Mossad Spy: ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक और व्यक्ति को दी फांसी

Iran Mossad Spy:  ईरान में मोसाद जासूस मामले में ईरान ने कड़ा कदम उठाया। मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में कियानी को फांसी दी गई। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के बीच यह एक बड़ी कार्रवाई है।

प्रिया सिंह

Iran Mossad Spy Execution News: ईरान में मोसाद जासूस को फांसी दिए जाने की खबर पूरी दुनिया में आज सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गई है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस भयंकर तनाव के बीच एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आई है। ईरान ने एक बार फिर से बेहद सख्त कदम उठाते हुए अपने ही देश के एक नागरिक को फांसी दे दी है। इस व्यक्ति पर इजरायल की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने का बहुत ही गंभीर आरोप लगाया गया था।

इस महत्वपूर्ण घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत पर भी सवाल खड़े किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा था कि उनके कारण ईरान में फांसी की सजाएं रुकी हैं। लेकिन ईरान ने उनके इस बड़े दावे को पूरी तरह से गलत साबित करते हुए फांसी की सजा को जारी रखा है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस गुप्त न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दुनिया के सामने गहरी चिंता जाहिर की है।

एर्फान कियानी को फांसी

शनिवार को ईरान ने एर्फान कियानी नाम के एक व्यक्ति को फांसी के फंदे पर पूरी तरह लटका दिया है। ईरानी अधिकारियों का साफ दावा है कि वह इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद से सीधे तौर पर जुड़ा था। उसे जनवरी 2026 में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का भी बहुत बड़ा दोषी माना गया था।

इस्फहान केंद्र पर हमला

ईरान की न्यायपालिका की न्यूज एजेंसी मिज़ान ने इस फांसी के बारे में पूरी आधिकारिक जानकारी दी है। कियानी को इस्फहान शहर में सुरक्षा बलों पर जानलेवा हमला करने का बहुत बड़ा दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा उस पर भयानक आगजनी करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी साबित हुआ।

सुप्रीम कोर्ट की मुहर

अदालत ने इस व्यक्ति को मोसाद का किराए का गुंडा बताते हुए उस पर अपना सबसे सख्त फैसला सुनाया। ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने भी इस गंभीर मामले में उसकी फांसी की सजा की पूरी तरह से पुष्टि कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट का अंतिम आदेश आने के बाद अहले सुबह ही उसे सुरक्षा बलों द्वारा मौत की सजा दे दी गई।

ट्रंप का दावा झूठा साबित

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनके कड़े हस्तक्षेप से ईरान में फांसी रुक गई है। लेकिन तेहरान में धड़ाधड़ लोगों को फांसी दिए जाने से उनका यह बड़ा दावा बिल्कुल खोखला साबित हुआ है। ईरान सरकार अभी भी प्रदर्शनकारियों और जासूसों को लगातार मौत की भयानक सजा दे रही है।

विदेशी ताकतों का हाथ

ईरान सरकार का मानना है कि देश में होने वाले सभी विरोध प्रदर्शनों के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है। विशेष रूप से इजरायल और पश्चिमी देशों पर ईरान में भारी अशांति फैलाने का सीधा आरोप लगाया गया है। इसी शक के आधार पर हाल के हफ्तों में कई संदिग्ध लोगों को फांसी की कड़ी सजा दी जा चुकी है।

मानवाधिकार संगठनों की चिंता

ईरान में लगातार दी जा रही इन फांसियों पर मानवाधिकार संगठनों ने बहुत ही गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐसे सभी मामलों में अदालती मुकदमे बहुत ही ज्यादा गुप्त रूप से चलाए जाते हैं। आरोपियों को अपना पक्ष रखने और उचित कानूनी बचाव का कोई भी अधिकार बिल्कुल नहीं दिया जाता है।

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