Iran में सत्ता परिवर्तन: IRGC ने राष्ट्रपति को किनारे किया, खामेनेई की सुरक्षा बढ़ाई गई

Iran Power Struggle: ईरान में आईआरजीसी ने राष्ट्रपति पेजेशकियान की नियुक्तियों को रोक दिया है। सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा बढ़ाकर निर्वाचित सरकार की पहुंच उनके तक पूरी तरह सीमित कर दी है।
Iran Power Shift: IRGC Blocks President Pezeshkian's Appointments, Secures Khamenei
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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IRGC Blocks Iran President Appointments: ईरान में चुनी हुई सरकार और शक्तिशाली सैन्य संगठन आईआरजीसी के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तनाव के बीच सेना ने देश की राजनीतिक व्यवस्था पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। अब आईआरजीसी ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की कई प्रमुख नियुक्तियों को पूरी तरह से रोक दिया है। इसके अलावा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तक सरकार की पहुंच को भी सैन्य घेरे से सीमित कर दिया गया है।

खुफिया मंत्री की नियुक्ति रुकी

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने हाल ही में देश का नया खुफिया मंत्री नियुक्त करने की कोशिश की थी। लेकिन आईआरजीसी कमांडर अहमद वाहिदी के भारी दबाव में सभी उम्मीदवारों को खारिज कर दिया गया। वाहिदी का साफ कहना है कि युद्ध के समय संवेदनशील पदों का चयन सीधे रिवोल्यूशनरी गार्ड को करना चाहिए।

नागरिक सरकार की घटी ताकत

सैन्य संगठन के इस बड़े हस्तक्षेप ने Iran की नागरिक सरकार की शक्तियों को बहुत सीमित कर दिया है। राष्ट्रपति अपनी सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते टकराव के कारण राजनीतिक गतिरोध का शिकार हो गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि देश की सत्ता का नियंत्रण अब पूरी तरह से सेना के हाथों में जा रहा है।

सर्वोच्च नेता से संपर्क कटा

आईआरजीसी अब सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तक होने वाले हर संवाद को पूरी तरह नियंत्रित कर रही है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक विशेष परिषद अब खामेनेई तक पहुंचने वाली सभी जानकारियों को फिल्टर करती है। इस वजह से राष्ट्रपति की रिपोर्ट खामेनेई तक नहीं पहुंच पा रही है और वह प्रशासन से अलग-थलग हो गए हैं।

मुलाकातों की कोशिशें नाकाम

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सर्वोच्च नेता के साथ कई बार तत्काल बैठकें करने की कोशिश की है। इन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अब तक उनसे बातचीत करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। इससे निर्वाचित सरकार और सर्वोच्च नेता के बीच की दूरी लगातार बढ़ती ही जा रही है।

उत्तराधिकार को लेकर तनाव

Iran के नेतृत्व के अंदर उत्तराधिकार को लेकर भी काफी लंबे समय से खींचतान चल रही है। वरिष्ठ अधिकारी अली असगर हेजाजी ने मोजतबा खामेनेई के उत्तराधिकारी बनने का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा होने पर पूरा नियंत्रण रिवोल्यूशनरी गार्ड के हाथों में चला जाएगा।

विदेश नीति पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तख्तापलट नहीं बल्कि सत्ता संरचना में धीरे-धीरे हो रहा एक बड़ा बदलाव है। यह नया बदलाव Iran की विदेश नीति को आने वाले समय में और भी ज्यादा सख्त बना सकता है। इससे वाशिंगटन के साथ भविष्य में किसी भी समझौते की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी।

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