अमेरिकी ठिकानों का मैप और सीक्रेट कोड में चेतावनी...ट्रंप की धमकी पर Iran का एक्शन, 'f(f(O))>f(O)' क्या है?

US-Iran War: ईरान ने ट्रंप की होर्मुज नाकेबंदी की धमकी का गणितीय फॉर्मूले से मजाक उड़ाया है। ईरानी संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अमेरिका में तेल की कीमतें 'चेन रिएक्शन' की तरह बढ़ेंगी।
Iran Mocks Trump Strait of Hormuz Blockade Warning
ट्रंप की धमकी का ईरान ने मजाक उड़ाया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Iran Mocks Trump Strait of Hormuz Blockade Warning: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिसमें ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का मजाक उड़ाते हुए एक गणितीय फॉर्मूला भी शेयर किया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आने-जाने वाले सभी जहाजों को रोकने की कार्रवाई करेंगे, जिसपर ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।

ईरान (Iran) के संसद अध्यक्ष, मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने ट्रंप की चेतावनी का मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने व्हाइट हाउस के पास पेट्रोल की मौजूदा कीमतों की तस्वीर शेयर की और अमेरिकियों को चेतावनी दी कि "जल्द ही इन कीमतों को याद करेंगे", जब कीमतें तेजी से बढ़ जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने एक गणितीय फॉर्मूला भी शेयर किया।

क्या है “ΔO_BSOH > 0 ⇒ f(f(O)) > f(O)”

“ΔO_BSOH > 0 ⇒ f(f(O)) > f(O)” एक गणितीय फॉर्मूला, माना जा रहा है ईरान ने इसके जरिए अमेरिका में तेल की कीमतों की ओर इशारा किया है, इसका उद्देश्य यह बताना था कि अगर होर्मुज में नाकेबंदी बढ़ती है, तो तेल की कीमतें सिर्फ सामान्य तरीके से नहीं बढ़ेंगी, बल्कि एक चेन रिएक्शन जैसा असर होगा, जिससे कीमतें कई गुना तेजी से बढ़ सकती हैं।

गणितीय फॉर्मूले का मतलब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ यूजर्स के अनुसार, इस फॉर्मूले का मतलब है:

  • ΔO_BSOH > 0: इसका मतलब है कि अगर होर्मुज में नाकेबंदी बढ़ती है (यानि अधिक कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट आती है), तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
  • f(f(O)) > f(O): इसका मतलब है कि इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ एक बार नहीं होगा, बल्कि कीमतें बार-बार बढ़ेंगी। यानी, पहले तेल की कीमत बढ़ेगी (f(O)), फिर उस बढ़ी हुई कीमत पर दबाव पड़ेगा, जिससे कीमत और अधिक बढ़ेगी (f(f(O)))।

साधारण भाषा में यह एक चेन रिएक्शन की तरह काम करेगा, जहां तेल की सप्लाई में कमी आएगी और कीमतें बढ़ेंगी, लेकिन हर बढ़ोतरी पहले से ज्यादा तेज़ होगी। गालिबाफ का यह फॉर्मूला अमेरिका को चेतावनी देने के लिए था कि अगर उन्होंने अपनी नाकेबंदी बढ़ाई, तो तेल की कीमतें कई गुना बढ़ सकती हैं।

ट्रंप ने दी थी नाकेबंदी की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगी। यह कदम तब उठाया गया जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान (Iran) के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ट्रंप ने कहा था कि "ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनने देंगे", और उन्होंने इस नाकेबंदी का कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बताया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की कि यह नाकेबंदी 13 अप्रैल को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से लागू होगी। इसका मतलब यह है कि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी जहाजों पर पाबंदी लगाई जाएगी।

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