ठाणे में दिवंगत भाऊसाहेब परांजपे की स्मृति में श्रद्धांजलि और छात्र सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

Student Honour Ceremony: अंबरनाथ के भाऊसाहेब परांजपे विद्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। मेधावी छात्रों का सम्मान किया गया और शिक्षा व संस्कारों के महत्व पर प्रेरक संदेश दिया गया।
Thane Bhausaheb Paranjape Memorial Student Honour Ceremony In Ambernath
छात्र सम्मान समारोह (फोटो नवभारत)
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Student Honour Ceremony In Ambernath: शुक्रवार को भाऊसाहेब परंजपे विद्यालय में दिवंगत भाऊसाहेब परांजपे की स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय स्टॉफ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्व. परांजपे अंबरनाथ एजुकेशन सोसायटी के संस्थापक और सबसे बड़ी आवास सोसायटी, सूर्योदय सोसायटी के संस्थापक थे।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दीपस्तंभ फाउंडेशन के संस्थापक युजुवेंद्र महाजन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है और प्रत्येक व्यक्ति के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक सफलता महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी सही विवेक और धन का सदुपयोग करने की समझ है। महाजन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल उच्च शिक्षा हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार, संवेदनशील और अच्छे इंसान बनना भी आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

दीपस्तंभ फाउंडेशन की जानकारी

कार्यक्रम में ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से दीपस्तंभ फाउंडेशन के कार्यों और शिक्षा क्षेत्र में उसके योगदान की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान आदिवासी वर्ग की प्रथम छात्रा की माता को साड़ी और चोली भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

समारोह में भाऊसाहेब परांजपे की पोती प्राची परांजपे, पूर्व छात्र दिलीप दलाल, संगठन के सह-निदेशक दिलीप साठे, मुख्य न्यासी प्रो. भगवान चक्रदेव सहित संगठन के सभी विद्यालयों के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजीत गोडबोले ने किया, जबकि संचालन रश्मी भलेराव ने किया।

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