ईरान का अमेरिका पर भीषण पलटवार, कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर आत्मघाती ड्रोन हमला, मची भारी तबाही
Iran Drone Attack Kuwait: ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर आत्मघाती ड्रोन से बड़ा हमला किया है। ईरानी सेना ने इसे अमेरिकी हवाई हमलों का सीधा जवाब बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
Iran Kamikaze Drone Attack: ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर आत्मघाती ड्रोन्स से बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। ईरानी सरकार के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई उसकी जमीन पर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों का सीधा और कड़ा जवाब है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अमेरिकी गोला-बारूद डिपो को बनाया निशाना
ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी फौज के दो प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, कैंप उदैरी पर स्थित अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो पर भीषण हमला किया गया।
इसके अलावा, अली अल सलेम एयरबेस पर तैनात अत्याधुनिक पैट्रियट रडार सिस्टम और एयर सर्विलांस रडार को भी आत्मघाती ड्रोन्स के जरिए निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य अमेरिकी रक्षा प्रणालियों और रसद आपूर्ति को पंगु बनाना था।
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जॉर्डन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत
पेंटागन और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान का यह हमला शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को ईरान पर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों के प्रत्युत्तर में हुआ है। गौरतलब है कि अमेरिका ने यह सैन्य ऑपरेशन जॉर्डन में एक एयरबेस पर हुए मिसाइल हमले का बदला लेने के लिए शुरू किया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और एक लापता हो गया था।
🇮🇷🇺🇸 Iran claims to have hit Camp Buehring and Ali Al Salem Air Base in Kuwait with their latest drone attack The IRGC says they hit Camp Buehring’s ammo depots, while radars and hangars housing equipment and personnel were allegedly hit at Ali Al Salem Kuwait’s Army confirmed… — Mario Nawfal (@MarioNawfal) July 19, 2026
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता
मध्य-पूर्व में जारी इस संघर्ष की कीमत मानवीय स्तर पर भी चुकानी पड़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान के साथ जारी इस खींचतान में अब तक 16 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 430 से अधिक जवान घायल हुए हैं।
कुवैत के अलावा इराक में भी ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। ईरान की ओर से लगातार यह चेतावनी दी जा रही है कि यदि अमेरिकी सैनिकों ने मोजतबा खामेनेई जैसे नेताओं की धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावनाएं अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे की ‘रेड लाइन्स’ क्रॉस करने के बाद स्थिति अब सीधे सैन्य टकराव की ओर बढ़ रही है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है, जबकि अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति और हितों को सुरक्षित रखने के लिए जवाबी हमलों को और तेज कर सकता है।
