डांसिंग मिसाइल' सेजिल और अमेरिकी B-1B बॉम्बर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Israel War Weapons Update: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब एक बेहद विनाशकारी और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की ‘डांसिंग मिसाइल’ सेजिल और अमेरिका के शक्तिशाली B-1B लांसर बॉम्बर ने इस जंग के मैदान में खलबली मचा दी है। हालिया ईरान-इजरायल युद्ध में हथियारों से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के इन ब्रह्मास्त्रों ने युद्ध की दिशा और दशा पूरी तरह बदल दी है। इस महायुद्ध में अब तक सैकड़ों मिसाइलें दागी जा चुकी हैं जिससे क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा का भारी संकट पैदा हो गया है।
ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपनी सबसे शक्तिशाली और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘सेजिल’ को पहली बार जंग में उतारा है। सॉलिड फ्यूल यानी ठोस ईंधन से चलने वाली इस मिसाइल को ‘डांसिंग मिसाइल’ या आशूरा मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह ऊंचाई पर जाकर अपना रास्ता बदलने में माहिर है जो डिफेंस सिस्टम को चकमा देती है।
सेजिल मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किलोमीटर तक है और यह करीब 6000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हमला करती है। यह मिसाइल अपने साथ 700 किलोग्राम तक का पेलोड और परमाणु हथियार ले जाने की अद्भुत क्षमता रखती है। अपनी इसी काबिलियत के कारण यह इजरायल के आधुनिक आयरन डोम और एरो बैटरी डिफेंस सिस्टम को आसानी से फेल कर देती है।
युद्ध के मैदान में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अमेरिका ने अपना सबसे घातक हथियार B-1B लांसर बॉम्बर तैनात कर दिया है। सेंट्रल कमांड ने इसकी रिफ्यूलिंग का वीडियो जारी कर पुष्टि की है कि यह विमान अब ईरान पर तबाही बरसाने के लिए तैयार है। इसे अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ यानी ‘बोन’ कहा जाता है क्योंकि यह 34,000 किलोग्राम तक के घातक बम ले जा सकता है।
B-1B बॉम्बर एक बार में करीब 9400 किलोमीटर की लंबी उड़ान भर सकता है और हवा में ही इसमें ईंधन भरा जा सकता है। यह 40 हजार फीट की ऊंचाई पर 1500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़कर दुश्मन के सैन्य अड्डों को पूरी तरह नष्ट कर देता है। अमेरिका ने पहले भी इसका इस्तेमाल अफगानिस्तान और इराक युद्ध में किया था जिससे भारी तबाही देखने को मिली थी।
इजरायल ने युद्ध के 17वें दिन तेहरान में भारी तबाही मचाते हुए IRGC के कई ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों में शाहिन शहर और IRGC का कमांड हेडक्वार्टर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है जिससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिकी युद्धपोत USS जॉन फिन से भी ईरान पर 13 टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें दागी गई हैं जिससे तबाही का मंजर भयावह हो गया है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यूएई, इराक और कतर में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। कतर के अल-उदैद बेस और यूएई में हुए धमाकों के कारण इन देशों को अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए सुसाइड ड्रोन हमलों ने वहां के रडार सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया जिससे हड़कंप मच गया है।
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इजरायली सेना (IDF) का मानना है कि ईरान के साथ यह जंग काफी लंबी चलेगी और उन्होंने इसे तीन हफ्ते आगे बढ़ा दिया है। इजरायल का मुख्य लक्ष्य ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह जड़ से खत्म करना है जिसके लिए हजारों टारगेट तय किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में हुए हमलों में इजरायल के भीतर भी 108 लोग घायल हुए हैं और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।