Trump, Netanyahu And Khamenei (Designed Image)
Israel-Iran Conflict Affects Indian Market: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ चुका है, इजरायल और अमेरिका ने एक के बाद एक हमले किए हैं, जानकारों का मानना है कि यह युद्ध लंबा चलेगा। अब इस वॉर के छिड़ने से भारत समेत पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स डरे हुए हैं। आखिर क्यों डरे हुए हैं दुनियाभर के निवेशक और इसका भारत पर क्या पड़ेगा असर? आईए जानते हैं।
शुक्रवार यानी 27 फरवरी से ही ईरान-इजरायल के बीच युद्ध के बादल छा रहे थे, लेकिन अब युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। ऐसे में एक्सपर्ट्स द्वारा माना जा रहा है कि सोमवार को भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है, यह गिरावट कितनी होगी यह इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट और बिकवाली (बिक्री) से पता चलेगा। वंही एक मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि इस सेंटिमेंट के कारण सेंसेक्स 961 अंक या 1.17 फीसदी और निफ्टी 317 अंक या 1.25% गिरकर बंद हुआ था।
ऐसा देखा गया है कि जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति बनती है तब निवेशक जोखिम से बचने के लिए ‘सेफ हेवन एसेट्स'(सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियां) की ओर रुख करते हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिससे उनके दामों में उछाल देखने को मिलता है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को देखते हुए एक बार फिर बुलियन मार्केट में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
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कई रिपोर्टस् एक्सपर्ट्स के हवाले से दावा कर रहीं है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल तय माना जा रहा है, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। भारत सहित कई देश ‘Strait of Hormuz’ यानी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए बड़े पैमाने पर कच्चा तेल आयात करते हैं। युद्ध की स्थिति में इस अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंका है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ेगा।