चार दिन में दूसरी बार डोली ईरान की धरती, बंदर अब्बास में आया 4.1तीव्रता का भूकंप, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
Israel Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बीच ईरान में भूकंप के झटके आए हैं। विशेषज्ञ इसे सुरक्षा और रणनीतिक खतरे की चेतावनी मानते हैं, जबकि संघर्ष जारी है।
- Written By: अक्षय साहू
सांकेतिक तस्वीर
Earthquake in Iran: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान में फिर से भूकंप आया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, ईरान के बंदर अब्बास के पास आज सुबह लगभग 8:48 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। युद्ध और संघर्ष के बीच ईरान में भूकंपों का आना संभावित खतरों की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले 3 मार्च को भी ईरान के गेराश क्षेत्र में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 4.3 थी। उस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था। गेराश से बंदर अब्बास के पास गचिन यूरेनियम खदान की दूरी लगभग 150-180 किलोमीटर है, जिससे यह क्षेत्र सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
अमेरिका में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके
हाल ही में अमेरिका में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने बताया कि अमेरिका के नेवादा राज्य में रविवार सुबह 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इन घटनाओं के बीच, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
दुनिया के Internet पर बड़ा खतरा, समुद्र में केबल काटेगा ईरान? भारत की डिजिटल इकोनॉमी पर होगा बुरा असर
FIFA World Cup: ट्रंप के दूत की बड़ी मांग… आगामी वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को किया जाए शामिल
Iran में मोसाद से संबंध के आरोप में एक और फांसी, ट्रंप ने पाकिस्तान की मांग पर बढ़ाया सीजफायर समय
ईरान छोड़ें अमेरिकी नागरिक, हवाई क्षेत्र खुलते ही वॉशिंगटन ने जारी किया ‘एग्जिट’ अलर्ट
ईरान ने सीजफायर से किया इनकार
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। इसके अलावा ईरान की टॉप लीडरशिप और सैन्य मामलों के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी हमलों में खोना पड़ा। इसके बावजूद ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है और वह अमेरिका व इजरायल को नुकसान पहुंचाने के प्रयास जारी रखे हुए है।
दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल भी चुप नहीं बैठे हैं। अमेरिका ने ईरान पर हमलों की संख्या बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उच्च स्तरीय हथियारों का उत्पादन चार गुना बढ़ाने पर सहमति जताई गई। यह स्पष्ट संकेत है कि ट्रंप किसी भी हालत में अपने विरोधियों को हावी नहीं होने देंगे।
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में गहराया संकट: साइप्रस पर हमले के बाद यूरोप और ऑस्ट्रेलिया ने भेजी अपनी सेनाएं
भूकंप रणनीतिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त खतरा
ईरान और अमेरिका के बीच इस बढ़ते तनाव और भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं ने क्षेत्र में असुरक्षा और चिंता को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप जैसी घटनाओं की बार-बारता सुरक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त खतरे की चेतावनी हो सकती है। इस समय, दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव और प्राकृतिक आपदाओं ने ईरान क्षेत्र की स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है।
