F-15 फाइटर जेट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Claims F15 Fighter Jet Shot Down Hormuz Island: मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने एक बड़ा सैन्य दावा पेश किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज आइलैंड के पास एक दुश्मन के F-15 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक मार गिराया है। यह घटना तब हुई जब जेट देश के दक्षिणी तट के ऊपर उड़ान भर रहा था। हालांकि अभी तक अमेरिका या इजरायल की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ईरान के सरकारी चैनल ‘प्रेस टीवी’ ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक विमान को जलते हुए गिरते दिखाया गया है।
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले 21 दिनों से चल रहे इस युद्ध में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। स्रोतों के अनुसार, इस छोटी अवधि में अमेरिका और इजरायल के 28 से ज्यादा विमान और कई महंगे सैन्य सिस्टम प्रभावित हुए हैं। ईरान का दावा है कि उसने कम से कम 17 एयरक्राफ्ट को या तो मार गिराया है या भारी नुकसान पहुंचाया है।
अकेले अमेरिका को 16 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं। गौरतलब है कि एक ड्रोन की कीमत करीब 56.5 मिलियन डॉलर होती है, जिसका अर्थ है कि केवल ड्रोन्स में ही 500 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका है।
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An enemy’s F-15 fighter jet was shot down by Iranian air defense systems near Hormuz Island after being intercepted over the country’s southern coast. pic.twitter.com/jmrFuUQKbd — Tehran Times (@TehranTimes79) March 22, 2026
हवाई हमलों के अलावा, ईरान ने अमेरिका के अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी गंभीर चोट पहुंचाई है। ईरानी सेना ने अमेरिका के THAAD सिस्टम से जुड़े AN/TPY-2 रडार पर हमले किए हैं जिनकी व्यक्तिगत कीमत 300 से 500 मिलियन डॉलर के बीच होती है। जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब में इस तरह के रडार प्रभावित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, कतर के अल उदीद एयरबेस पर तैनात 1.1 बिलियन डॉलर की कीमत वाले विशाल AN/FPS-132 रडार को भी क्षतिग्रस्त करने का दावा किया गया है।
युद्ध का दायरा केवल हवा और जमीन तक सीमित नहीं है। अमेरिकी नौसेना के गौरव कहे जाने वाले ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ पर भी आग लगने की खबर है, जिसे बुझाने में सुरक्षा बलों को 30 घंटे का समय लगा। इस घटना ने कुछ समय के लिए इस विमानवाहक पोत की संचालन क्षमता को प्रभावित किया है।
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आर्थिक मोर्चे पर भी यह युद्ध अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है। युद्ध के पहले छह दिनों में ही अमेरिका ने करीब 11 से 12 बिलियन डॉलर खर्च कर दिए थे। आंकड़ों के अनुसार, एक टॉमहॉक मिसाइल की कीमत ही 3.5 मिलियन डॉलर है और अब तक 300 से अधिक ऐसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा चुका है। 19 मार्च को ईरान ने F-35 स्टील्थ फाइटर को भी निशाना बनाने का दावा किया था, जिसके बाद विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।