

Bandar Abbas Blast Iran: एक ओर जहां ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है वहीं शनिवार, 31 जनवरी 2026 को ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित प्रमुख शहर बंदर अब्बास एक भीषण धमाके से दहल उठा। यह विस्फोट शहर के व्यस्त मोअल्लेम बुलेवार्ड क्षेत्र में स्थित एक आठ मंजिला इमारत में हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इमारत की दो मंजिलें पूरी तरह से ढह गईं और आसपास की दुकानों व वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस विस्फोट में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, कुछ आधिकारिक सूत्रों और संकट प्रबंधन निदेशक मेहरदाद हसनजादेह ने बताया कि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है लेकिन उन्होंने तत्काल किसी मौत की पुष्टि नहीं की थी।
राज्य टेलीविजन पर दिखाई गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आठ मंजिला इमारत की सामने की पूरी दीवार उड़ गई है, जिससे अंदर का हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है। घटना के तुरंत बाद अग्निशमन विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया।
विस्फोट का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और यह जांच के अधीन है। विस्मयकारी बात यह है कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल गई कि इस धमाके में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नौसेना कमांडर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, ईरान की अर्ध-आधिकारिक न्यूज एजेंसी 'तस्नीम' ने इन खबरों को पूरी तरह झूठा करार दिया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार करें।
बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणी बंदरगाह है जो वैश्विक तेल व्यापार और निर्यात का मुख्य केंद्र है। यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रखा है और क्षेत्र में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किया है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान को एक 'डेडलाइन' भी दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। दिसंबर 2025 से ईरान के भीतर चल रही राष्ट्रव्यापी अशांति के बीच इस विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।