IMF की रिपोर्ट में भारत-चीन ने अमेरिका को पछाड़ा, एलन मस्क बोले- बदल रहा है दुनिया का शक्ति संतुलन

India China GDP Growth: IMF ने 2026 के लिए वैश्विक जीडीपी वृद्धि के अनुमान जारी किए हैं, जिसमें भारत और चीन अमेरिका से काफी आगे हैं। इस रिपोर्ट पर एलन मस्क ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
According to the IMF report, India and China have surpassed the US, and Elon Musk says the global balance of power is shifting.
एलन मस्क, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India China GDP Growth Elon Musk Statement: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की एक हालिया रिपोर्ट ने वैश्विक आर्थिक मंच पर खलबली मचा दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में वैश्विक वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान चीन का है जबकि भारत दूसरे स्थान पर नजर आ रहा है।

ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि दुनिया की आर्थिक दिशा अब तेजी से एशिया की ओर झुक रही है। रिपोर्ट के इन आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर राज करने वाले अमेरिका का सिंहासन अब हिलने लगा है।

भारत और चीन का दबदबा

आईएमएफ द्वारा जारी अनुमानों के मुताबिक, 2026 में वैश्विक जीडीपी में चीन का योगदान 26.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि भारत 17.0 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर होगा। विस्मयकारी तथ्य यह है कि ये दोनों देश मिलकर दुनिया की कुल वास्तविक जीडीपी वृद्धि का लगभग 44 फीसदी हिस्सा संभालेंगे। इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका इस सूची में तीसरे स्थान पर खिसक गया है, जिसका योगदान केवल 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

शक्ति संतुलन बदल रहा है- एलन मस्क

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 'वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स' द्वारा साझा किए गए इन आंकड़ों पर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने अपनी मुहर लगाई है। मस्क ने रिपोर्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि दुनिया का शक्ति संतुलन अब बदल रहा है। मस्क की यह टिप्पणी उस समय आई है जब अमेरिका अपनी पारंपरिक आर्थिक नीतियों और ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण वैश्विक स्तर पर चुनौतियों का सामना कर रहा है।

IMF की चेतावनी और भविष्य की चुनौतियां

आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर 2026 में 3.3 फीसदी और 2027 में 3.2 फीसदी रहेगी। हालांकि रिपोर्ट में वैश्विक महंगाई में गिरावट की उम्मीद जताई गई है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि आर्थिक परिदृश्य के लिए जोखिम अब भी नकारात्मक दिशा में झुके हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के कारण अमेरिका के खास मित्र देश जैसे कनाडा और अन्य नाटो सदस्य भी अब अमेरिका के विकल्प तलाशने लगे हैं, जो वाशिंगटन के लिए आने वाले समय में शुभ संकेत नहीं है।

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