Iran Attack Kuwait: ईरान के हमले से कुवैत में भारी तबाही, सैन्य ठिकाने और पानी का प्लांट तबाह

Iran Attack Kuwait: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर कुवैत पर पड़ा है। ईरान के ड्रोन हमलों से कुवैत के सैन्य ठिकानों और पानी के प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें कई जवान घायल हुए हैं।
Iran Attack Kuwait: Iran Drones Hit Kuwait Military Bases And US Centers Injuring Many 
ईरान पर कुवैत में भरी तबाही (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran Attack Kuwait US Bases: ईरान के बड़े हमले के बाद अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भयंकर दुश्मनी का बुरा असर कुवैत जैसे देशों पर भी दिखने लगा है। कुवैत के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि ईरान ने उनके देश पर बड़े हमले किए हैं। इस बड़े और खतरनाक हमले में कुवैत की सेना के कई बहादुर जवान बुरी तरह से घायल हो गए हैं।

इन हमलों ने कुवैत के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को अपना निशाना बनाया है जिससे देश में बहुत ही भारी तबाही मची है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दुश्मन के ड्रोनों ने उनके कैंपों को निशाना बनाया है। इस जानलेवा ड्रोन हमले से एक प्रमुख बिजली उत्पादन और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। इन लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की आशंका बहुत ही ज्यादा बढ़ गई है।

प्लांट में लगी भयंकर आग

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमले से एक प्लांट को नुकसान पहुंचा है। इस हमले की वजह से बिजली और डीसैलिनेशन प्लांट में बहुत ही भीषण आग लग गई जिससे भारी तबाही मची है। हालांकि दमकल टीमों ने समय रहते इस भयंकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया है।

बिजली बचाने की अहम अपील

तकनीकी टीमें इस बड़े प्लांट के खराब हुए हिस्सों की मरम्मत कर रही हैं ताकि इसे फिर से चालू किया जा सके। मंत्रालय ने लोगों से इस असाधारण स्थिति के दौरान अपनी बिजली की ज्यादा से ज्यादा बचत करने की अपील की है। देश में ऊर्जा संकट को टालने के लिए आम लोगों का यह कदम उठाना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो गया है।

कुवैत की कड़ी निंदा

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन सभी ईरानी हमलों की बहुत ही कड़ी निंदा की है और इसे गलत बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि यह कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से गंभीर उल्लंघन है। कुवैत ने चेतावनी दी है कि ऐसे जानलेवा हमले पूरे क्षेत्र में तनाव को और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

शांति समझौते को बड़ा झटका

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इलाके में युद्ध का तनाव पहले से ही बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है। जून के मध्य में ही अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता (एमओयू) हुआ था जिसे बड़ा झटका लगा है। इस एमओयू के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके शांति की दिशा में आगे बढ़ना था।

ईरान का खतरनाक पलटवार

ईरान की आईआरजीसी ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने सीरिया में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर और ओमान में रडार ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इसके साथ ही कुवैत में भी अमेरिकी हथियारों के बड़े गोदाम और लॉन्चर पर भारी बमबारी की गई है।

ऑपरेशन नस्र-2 की शुरुआत

ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक आईआरजीसी ने ऑपरेशन नस्र-2 की 11वीं, 12वीं और 13वीं लहर के तहत हमले किए। यह 11वीं लहर ईरानशहर के बंपुर इलाके में मारे गए ईरानी सैनिकों की याद में खास तौर पर शुरू की गई थी। इसके तहत अल-तनफ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के अहम कमांड सेंटर पर अचानक बड़ा हमला हुआ।

अमेरिकी रडार और हथियारों का नुकसान

जवाबी हमलों में कुवैत स्थित अमेरिकी बलों के एक प्रमुख ठिकाने पर मौजूद मिसाइल रक्षा निगरानी रडार को निशाना बनाया। ईरानी सेना ने कई बड़े अमेरिकी हथियारों के गोदाम, दो हिमर्स लॉन्चर और कई मिसाइलों को भी तबाह कर दिया है। इन सभी खतरनाक हमलों के बाद कुवैत स्थित इस अमेरिकी बेस पर एक बहुत ही बड़ी और भीषण आग लग गई थी।

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