ईरान में महिलाओं को मिल गई 'आजादी'! विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने किया ऐलान, सालों से लगी थी पाबंदी

Iran Women: ईरान सरकार ने महिलाओं को मोटरसाइकिल लाइसेंस देने की मंजूरी दी है, जिससे वर्षों पुरानी कानूनी उलझन खत्म होगी और सड़क पर समान अधिकार व सुरक्षा बढ़ेगी।
Motorcycle license Rules in Iranian Women
सांकेतिक तस्वीर
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Motorcycle license Rules in Iranian Women: ईरान में महिलाओं को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। अब महिलाएं कानूनी तौर पर मोटरसाइकिल चलाने का लाइसेंस हासिल कर सकेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से वर्षों से चली आ रही कानूनी अस्पष्टता खत्म हो गई है। इसकी घोषणा बुधवार (4 फरवरी 2026) को की गई। पहले कानून में महिलाओं के मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने पर स्पष्ट प्रतिबंध नहीं था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन उन्हें लाइसेंस जारी नहीं करता था।

इस स्थिति के कारण महिलाओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यहां तक कि सड़क हादसों में घायल होने पर भी कई बार महिलाओं को ही दोषी ठहरा दिया जाता था, क्योंकि उनके पास वैध लाइसेंस नहीं होता था। सरकार के इस नए फैसले से इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार से मिली इजाजत

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। यह प्रस्ताव जनवरी के अंत में ईरान की कैबिनेट से मंजूरी प्राप्त कर चुका था। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, इसका उद्देश्य ट्रैफिक नियमों को अधिक स्पष्ट और समान बनाना है। नए नियमों के तहत ट्रैफिक पुलिस को महिलाओं को मोटरसाइकिल चलाने की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पुलिस की निगरानी में परीक्षा आयोजित की जाएगी और सफल महिलाओं को आधिकारिक मोटरसाइकिल ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल के महीनों में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर थे, लेकिन धीरे-धीरे सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए। सरकार के अनुसार, इन घटनाओं में 3,000 से अधिक लोगों की जान गई है।

महिलाओं के अधिकारों की दिशा में अहम कदम

महिलाओं को मोटरसाइकिल लाइसेंस देने का यह निर्णय ईरान में महिला अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे महिलाओं को न केवल ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी, बल्कि सड़कों पर उनके साथ होने वाले भेदभाव में भी कमी आने की उम्मीद है। कई लोगों का मानना है कि यह कदम महिलाओं के समान अधिकारों की ओर एक सकारात्मक संकेत है।

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