भारत के लिए बड़ी राहत! ईरान ने होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी, अब बिना किसी रोक-टोक के आएगा LPG और तेल
Iran Israel War: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने भारत जैसे मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया है। इससे भारत को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई सुरक्षित रहेगी।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोला (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Opens Strait of Hormuz For Indian Ships: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक अहम राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत समेत अपने मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया है। इसका मतलब है कि भारतीय जहाज अब इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे। यह फैसला खासतौर पर भारत की एलपीजी, डीजल और पेट्रोल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि भारत सहित “मित्र देशों” के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है। यह जानकारी ANI ने मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी।
ईरान के मित्र देशों के लिए खुला है रास्ता
ईरान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। यह मार्ग केवल उन देशों के लिए प्रतिबंधित है, जिन्हें वह अपने खिलाफ मानता है, जबकि बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
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इस बीच तनाव को और बढ़ाने वाली एक घटना भी सामने आई। ईरान ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हो गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के मुताबिक यह कार्रवाई उसके दक्षिणी तट के पास की गई। हालांकि, अमेरिका के संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य कमान (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।
UN ने की थी होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील
इसी बीच एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस रास्ते के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरक की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों और आम लोगों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
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इसके बाद ईरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए इस मार्ग को खोलने का फैसला लिया। इससे पहले 25 मार्च को न्यूयॉर्क में ईरान के मिशन ने भी संकेत दिया था कि “गैर-शत्रुतापूर्ण” जहाजों को सख्त सुरक्षा नियमों के तहत इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। कुल मिलाकर, यह फैसला भारत जैसे ऊर्जा-निर्भर देशों के लिए बड़ी राहत है, लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।
