International Peace Day मनाने के पीछे है ये खास वजह, चार दशकों का है ये इतिहास
समूचे विश्व में शांति व अमन स्थापित करने के उद्देश्य से हर साल 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस या विश्व शांति दिवस मनाया जाता है। बता दें, विश्व शांति का अर्थ केवल हिंसा न होना नहीं है, बल्कि ऐसे समाजों का निर्माण है जहां सभी को यह अहसास हो कि, वे आगे बढ़ सकते हैं और फल-फूल सकते है।
- Written By: सीमा कुमारी
International Peace Day का उद्देश्य जानिए, कब हुई थी इसकी शुरुआत और क्या है इसका इतिहास
दुनिया भर में हिंसा और संघर्षों को रोकते हुए शांति को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 21 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस’ (International Peace Day) मनाया जाता है। यह खास दिन समूचे विश्व में शांति के विचार को मजबूत करने के लिए समर्पित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले दो साल से भी ज्यादा समय से चल रहे रूस यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए प्रयास साबित नहीं हो रहे है। इसमें संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को और ज्यादा मजबूत होने की जरूरत है। इसी को देखते हुए हर साल संयुक्त राष्ट्र ने विश्व शांति दिवस पर शांति के लिए कार्रवाई को वैश्विक लक्ष्य की महत्वाकांक्षा का रूप देना का विचार किया है। विश्व शांति दिवस के अवसर पर आइए जानें इससे जुडी महत्वपूर्ण बातें-
विश्व शांति दिवस मनाने की शुरुआत
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जानकारों के अनुसार, दुनिया के तमाम देशों और लोगों के बीच शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने साल 1981 में विश्व शांति दिवस मनाने की घोषणा की। जिसके बाद पहली बार 1982 में विश्व शांति दिवस मनाया गया जिसकी थीम ‘Right to peace of people’ रखी गई। बता दें,1982 से लेकर 2001 तक सितंबर माह के तीसरे मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस या विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता था,
लेकिन सन 2002 से इसके लिए 21 सितंबर की तरीख निर्धारित कर दी गई। 2002 से यह दिवस हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता आ रहा है। सफेद कबूतर को शांति का दूत माना जाता है। विश्व शांति दिवस पर सफेद कबूतरों को उड़ाकर शांति का संदेश दिया जाता है।
विश्व शांति दिवस का महत्व
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व शांति का अर्थ केवल हिंसा न होना नहीं है, बल्कि ऐसे समाजों का निर्माण है जहां सभी को यह अहसास हो कि, वे आगे बढ़ सकते हैं और फल-फूल सकते है। हमें एक ऐसी दुनिया का निर्माण करना है जहां सभी के साथ उनकी जाति, नस्ल, धर्म की परवाह किए बिना समान व्यवहार किया जाए।
1981 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन, मानवता के लिए सभी मतभेदों से ऊपर उठने, शांति के लिए प्रतिबद्ध होने और शांति की संस्कृति के निर्माण में योगदान करने का दिन है।
