ट्रंप के दावों की हवा निकली: इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने दी चेतावन- ईरान के पास अब भी हैं हजारों घातक मिसाइलें

Trump Claims Iran: अमेरिकी इंटेलिजेंस की एक ताजा रिपोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को गलत साबित कर दिया है जिनमें उन्होंने ईरानी सैन्य शक्ति के पूरी तरह ध्वस्त होने की बात कही थी।
Trump's Claims Debunked: Intelligence Report Warns—Iran Still Possesses Thousands of Lethal Missiles
सांकेतिक एआई तस्वीर
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Trump Claims Iran Missile Arsenal Intelligence Report: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली इंटेलिजेंस रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करने की घोषणा की थी। लेटेस्ट इंटेलिजेंस आकलन के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा हफ्तों तक किए गए भीषण हवाई हमलों के बावजूद, ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें और घातक ड्रोन मौजूद हैं।

ट्रंप के दावों और हकीकत में अंतर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कई मौकों पर दावा किया था कि ईरानी वायुसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है और उसकी नौसेना समुद्र की गहराइयों में समा गई है। हालांकि, 'डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी' के निदेशक और लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एडम्स ने 'हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी' के सामने यह स्वीकार किया है कि ईरान अपने जंगी हथियारों को बचाए रखने में काफी हद तक कामयाब रहा है। उनके अनुसार, यद्यपि हमलों से कुछ क्षमताएं कम हुई हैं लेकिन तेहरान के पास मौजूद हजारों मिसाइलें अब भी मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों के लिए बड़ा खतरा हैं।

आधे से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर सुरक्षित

रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि 5 हफ्तों से ज्यादा समय तक रोजाना हमले किए जाने के बावजूद ईरान के लगभग आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं। इसके अलावा, ईरान की तटीय सुरक्षा के लिए तैनात क्रूज मिसाइलों का एक बड़ा हिस्सा भी हमलों से बच गया है। इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि अमेरिका ने अपने हवाई हमलों के दौरान तटीय सैन्य ठिकानों को प्रमुखता से निशाना नहीं बनाया था।

सीजफायर वार्ता पर असर

ईरान की यह सैन्य मजबूती ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत की खबरें आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि मिसाइलों और ड्रोनों का यह विशाल जखीरा ईरान को बातचीत की मेज पर मजबूती प्रदान करता है, जो ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन सकता है।

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