

Missing Indonesia ATR 42-500 plane search operations: इंडोनेशिया के दक्षिण सुलावेसी में शनिवार को एक बड़ा विमान हादसा होने की आशंका जताई जा रही है, जहां 11 लोगों को ले जा रहा एक यात्री विमान रडार से अचानक गायब हो गया। यह ATR 42-500 टर्बोप्रॉप विमान योग्याकर्ता से उड़ान भरने के बाद पहाड़ी इलाके के ऊपर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अपना संपर्क खो बैठा। परिवहन मंत्रालय और इंडोनेशियाई सेना ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद ली जा रही है। लापता विमान में चालक दल के सदस्यों के साथ समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी सवार थे।
इंडोनेशियाई परिवहन मंत्रालय के अनुसार यह विमान दोपहर 1.17 बजे मारोस जिले के लिआंग-लिआंग इलाके के ऊपर से गुजरते समय रडार से गायब हो गया। एटीसी ने पायलट को उड़ान के रास्ते में सुधार के निर्देश दिए थे, जिसके तुरंत बाद रेडियो संपर्क पूरी तरह टूट गया और आपात स्थिति घोषित कर दी गई। यह क्षेत्र बुलुसाराउंग नेशनल पार्क के पास स्थित है और अपनी दुर्गम पहाड़ियों के लिए जाना जाता है।
माउंट बुलुसाराउंग पर ट्रैकिंग कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया है कि उन्होंने पहाड़ी इलाके में बिखरा हुआ मलबा और जलती हुई आग देखी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने मलबे पर इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट जैसा लोगो भी देखा है, जिसकी जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन और बचाव दल को दी गई। सेना के कमांडर मेजर जनरल बांगुन नवोको ने इन सूचनाओं की पुष्टि के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।
विमान में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें आठ क्रू मेंबर और तीन यात्री शामिल थे जो समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के अधिकारी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक आधिकारिक यात्रा थी और विमान सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाला था। फिलहाल सुल्तान हसनुद्दीन हवाई अड्डे के आसपास के पहाड़ी इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हादसे के समय आसमान में बादल छाए हुए थे और दृश्यता लगभग आठ किलोमीटर थी, लेकिन खड़ी पहाड़ियों के कारण राहत कार्य में काफी रुकावट आ रही है। ऊबड़-खाबड़ और घने जंगलों वाला इलाका होने की वजह से जमीनी टीमों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में घंटों का समय लग सकता है। वायु सेना के हेलीकॉप्टर और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से मलबे की सटीक स्थिति का पता लगाया जा रहा है।
इंडोनेशियाई सेना और बचाव दल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और प्रभावित परिवारों को लगातार जानकारी दी जा रही है। परिवहन मंत्रालय की प्रवक्ता एंडाह पूर्णामा सारी ने बताया कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर यात्रियों और क्रू की तलाश कर रही है। अभी तक किसी की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मलबे की रिपोर्टों ने चिंता काफी बढ़ा दी है।