Indian Tunnel Rescue: नेपाल में भारतीय और नेपाली सेना का त्रिशूली टनल में रेस्क्यू जारी

Indian Tunnel Rescue: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जहां भारतीय और नेपाली सेना की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।
Ongoing Nepal Tunnel Rescue Operations
नेपाल टनल रेस्क्यू (सोर्स- ANI)
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Ongoing Nepal Tunnel Rescue Operations: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे 2 श्रमिकों को 9 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस कठिन बचाव अभियान में नेपाली सेना और भारतीय विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया। सुरंग के अंदर मलबा, पानी और बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने लगातार प्रयास जारी रखा और आखिरकार दोनों मजदूरों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की।

भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए विशेष टनल विशेषज्ञों, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और मेडिकल टीमों को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ भेजा है। यह अभियान बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद शुरू किया गया था।

त्रिशूली सुरंग से दो मजदूर सुरक्षित निकले

नेपाल सेना और भारतीय बचाव विशेषज्ञों ने शुक्रवार को बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद संजय साह और कबीर महर्जन को त्रिशूली-3A प्रोजेक्ट की सुरंग से बाहर निकाला। दोनों करीब 9 दिनों तक अंधेरी और मलबे से भरी सुरंग में फंसे रहे।

रेस्क्यू के बाद दोनों को काठमांडू एयरलिफ्ट किया गया। संजय साह को बीरेन्द्र सेना अस्पताल और कबीर महर्जन को राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

दूसरों को बचाने में खुद फंसे संजय साह

सप्तरी निवासी 30 वर्षीय मैकेनिकल फोरमैन संजय साह ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी मिलने के बाद उन्होंने खुद बाहर निकलने के बजाय अपने साथियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की।

संजय के मुताबिक, उस समय कंट्रोल रूम में करीब 40 से 45 लोग मौजूद थे। वह सभी को खतरे से आगाह करने और बाहर निकालने में जुटे रहे। इसी दौरान 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी का पानी तेजी से सुरंग में घुस गया और बाहर निकलने के मुख्य रास्ते बंद हो गए।

सुरंग के भीतर फंसने के बाद भी संजय ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि मुश्किल हालात में मंत्र का जाप करने से उन्हें मानसिक मजबूती मिली।

भारतीय वायुसेना ने पहुंचाई राहत सामग्री

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने राहत अभियान भी तेज किया है। गुरुवार रात भारतीय वायुसेना के दो C-130J परिवहन विमान काठमांडू पहुंचे। ये भारत की छठी और सातवीं राहत उड़ानें थीं।

इन विमानों के जरिए भारत ने नेपाल को कुल 21.5 टन मानवीय सहायता सामग्री और फॉरेंसिक किट उपलब्ध कराए। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि यह सहायता रसुवा में आई अचानक बाढ़ से निपटने के नेपाल के प्रयासों में सहयोग के लिए भेजी गई है।

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54 भारतीय विशेषज्ञ नेपाल में तैनात

भारत ने बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे हैं। इनमें 30 टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ, 19 फॉरेंसिक एक्सपर्ट और 5 डॉक्टर शामिल हैं।

भारतीय विशेषज्ञ नेपाली सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मलबे से भरी सुरंगों की तलाशी और राहत कार्य में जुटे हैं। राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।

नेपाल के ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने संयुक्त बचाव प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सुरंग में फंसे अन्य लोगों का भी जल्द पता लगाया जा सकेगा। इस अभियान ने भारत-नेपाल की मानवीय साझेदारी और आपदा के समय आपसी सहयोग को भी मजबूत किया है।

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