भारत के LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ ने पार किया होर्मुज, बना सीजफायर के बाद निकलने वाला पहला भारतीय जहाज
Indian LPG Tanker Jag Vikram: अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी सीजफायर के बाद 'जग विक्रम' होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाला पहला भारतीय ध्वज वाला जहाज बन गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Indian LPG Tanker Jag Vikram Strait Of Hormuz Crossing: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम का सकारात्मक असर अब वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर दिखने लगा है। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर ‘जग विक्रम’ ने सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर लिया है। अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा के बाद इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाला यह पहला भारतीय जहाज है।
ओमान की खाड़ी पहुंचा ‘जग विक्रम’
जहाज ने शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार किया। शनिवार दोपहर तक यह जहाज पूर्व की ओर बढ़ते हुए होर्मुज के पूर्व में स्थित ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका था। यह मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज है जो लगभग 20,000 टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है।
क्षेत्र में अब भी फंसे हैं कई जहाज
मार्च की शुरुआत से अब तक फारस की खाड़ी से सुरक्षित बाहर निकलने वाला यह नौवां भारतीय जहाज है। हालांकि, अभी भी भारत के लगभग 15 ध्वज वाले जहाज उसी क्षेत्र में रुके हुए हैं और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के समय होर्मुज क्षेत्र में कुल 28 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें से अब तक कुल 11 जहाज (9 पश्चिमी हिस्से से और 2 पूर्वी हिस्से से) सुरक्षित निकल चुके हैं।
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी जरूरतों का लगभग 88% कच्चा तेल और 60% एलपीजी आयात करता है। संघर्ष के कारण इस मार्ग के बाधित होने से भारत में गैस और एलपीजी की घरेलू आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा था।
हालिया परिस्थितियों के चलते विशेष रूप से वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (Commercial Consumers) के लिए आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी थी, जिससे कई उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ा। हालांकि, अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। ‘जग विक्रम’ जैसे जहाजों की सुरक्षित वापसी के बाद आपूर्ति व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है।
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फिलहाल आपूर्ति को आंशिक रूप से बहाल किया जा रहा है ताकि जरूरी सेवाओं और व्यवसायों को राहत मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है और चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति पूरी तरह सामान्य करने की योजना बनाई जा रही है।
