इजराइल से दोस्ती, फलीस्तीन का समर्थन... जानिए इन मुद्दों पर सरकार की क्या है असली रणनीति

India Israel Relations: भारत और इजराइल के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही यह आरोप भी उठ रहे हैं कि सरकार अपनी पारंपरिक विदेश नीति से हट रही है और इजराइल के साथ बढ़ती दोस्ती के...
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इजराइल-भारत, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel India Partnership: भारत और इजराइल के बीच रिश्तों के लगातार प्रगाढ़ होने के बीच यह आरोप भी लग रहे हैं कि सरकार अपनी पूर्व की विदेश नीति से हट गई है। वह इजराइल से दोस्ती बढ़ाने के लिए फलीस्तीन के मुददे से पीछे हट रही है। इस तरह की आशंका को लेकर सकार ने यह साफ कहा है कि वह अब भी फलीस्तीन के मुददे पर अपने पुराने रूख पर कायम है।

पहले की तरह भारत का मत है कि इस समस्या का हल द्धिराष्ट नीति से होना चाहिए। जो यह बताता है कि भारत ने अपनी कूटनीति में फलीस्तीन मुददे को लेकर कोई बदलाव नहीं किया है। वह इस मुददे का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है।

फलीस्तीन नीति से कदम पीछे नहीं

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत निश्चित तौर पर इजराइल के साथ अपने कारोबारी, सामरिक, कूटनीतिक, द्धिपक्षीय रिश्तों को बढ़ाना चाहता है। भारत ऐसा कर भी रहा है। हाल ही में वहां के वित्त मंत्री का भारत आना और आपसी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करना भी उसी का हिस्सा था। जिन एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए हैं। उन पर दोनों देश के बीच कई दशक से बातचीत चल रही थी। इजराइल हमारे एक मजबूत कूटनीतिक सहयोगी के रूप में सामने आया है।  लेकिन इसके साथ ही भारत ने अपनी पुरानी फलीस्तीन नीति से कदम पीछे नहीं खींचे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि 12 सितंबर को ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र में न्यूयार्क घोषणा पत्र का समर्थन किया है। जो द्धि राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन है।

हमास के हमलों का भारत ने किया विरोध

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत ने हमास के हमलों का विरोध किया है। भारत ने यह भी कहा है कि सभी बंधकों की अविलंब रिहाई होनी चाहिए। इसके साथ ही भारत ने यह भी कहा है कि फिलीस्तीन में मानवीय सहायता लगातार पहुंचनी चाहिए। वहां पर लोगों को अनाज और मेडिकल सुविधाएं दी जानी चाहिए. उन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। जिसे रोका जा रहा है। इसके लिए उपद्रवियों की निंदा भी की गई है। स्वयं फिलीस्तीन के राजदूत ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा है कि उनके कदम स्वागत योग्य है।

उन्होंने फिलीस्तीन को स्वास्थ्य सेवाएं देने का कार्य किया है। जो इस समय सबसे अधिक अहम है। इस अधिकरी ने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ की वजह से भारत के दोनों देश के साथ एक समान रिश्तों को लेकर अनर्गल प्रचार कर रहे हैं। लेकिन इससे भारत की कूटनीति प्रभावित नहीं होगी। भारत आने वाले दिनों में इजराइल के साथ रिश्ते मजबूत करेगा। साथ ही फिलीस्तीन के अपने पुराने रूख को लेकर भी आगे बढ़ता रहेगा।

(नवभारत लाइव के लिए संतोष ठाकुर की रिपोर्ट)

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