सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े तेवर से पाकिस्तान में हड़कंप, मुल्ला मुनीर की सेना ने दी ‘युद्ध’ की धमकी
Asim Munir War Threat: भारत द्वारा सिंधु जल संधि पर कड़ा रुख अपनाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने पानी रोकने या मोड़ने को 'Act of War' करार दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
आसिम मुनीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Indus Water Treaty Asim Munir War Threat: सिंधु जल संधि को लेकर भारत के आक्रामक रुख ने पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पिछले साल पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की इस पुरानी संधि को स्थगित करने का कड़ा फैसला लिया था, जिसके बाद से पाकिस्तान लगातार गीदड़भभकियां देता आ रहा है।
इस बार पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने एक विशेष बैठक कर भारत को चेतावनी दी है कि यदि पानी के बहाव को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश की गई, तो उसे ‘Act of War’ माना जाएगा।
कोर कमांडर्स सम्मेलन में बनी रणनीति
रावलपिंडी में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में आयोजित 276वें कोर कमांडर्स सम्मेलन में सिंधु जल संधि पर विस्तार से चर्चा की गई। सैन्य बयान के अनुसार, सम्मेलन ने पाकिस्तान सरकार के निर्देशों और जनता की भावनाओं के अनुरूप देश के उचित हिस्से के जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने लागू करने की बात कही है।
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पाकिस्तानी सेना का यह रुख पिछले वर्ष 24 अप्रैल को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक के निर्देशों पर आधारित है, जिसमें भारत के किसी भी कदम का सैन्य जवाब देने की बात कही गई थी।
पहलगाम हमले के बाद बदला भारत का मिजाज
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद तब और गहरा गया जब पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इसके ठीक एक दिन बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 1960 की संधि को स्थगित करने का संकेत दिया था।
भारत के इस फैसले ने पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए संकट पैदा कर दिया है, क्योंकि पाकिस्तान अपनी पानी की जरूरतों के लिए पूरी तरह से इन नदियों पर निर्भर है।
कश्मीर पर भी वही पुरानी बयानबाजी
सिंधु जल संधि के अलावा, इस उच्चस्तरीय सैन्य बैठक में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन ने आतंकवादी समूहों द्वारा पाकिस्तान के भीतर हमले करने के लिए अफगान तालिबान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों के उपयोग पर गंभीर चिंता जताई।
जनरल मुनीर ने निर्देश दिया कि सशस्त्र बल ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत आतंकवाद के खिलाफ खुफिया-आधारित अभियान जारी रखेंगे। साथ ही, सेना ने एक बार फिर कश्मीरियों के प्रति अपने तथाकथित राजनीतिक और नैतिक समर्थन को दोहराया है, जो अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी पुरानी रणनीति रही है।
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इसके अलावा, जनरल आसिम मुनीर ने अपने कमांडरों को किसी भी पारंपरिक या हाइब्रिड खतरे का सामना करने के लिए उच्चतम स्तर की सतर्कता को बनाए रखने का निर्देश भी दिया है।
