LPG किल्लत होगी दूर! गैस से भरे 2 और भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से निकले, कब पहुंचेंगे भारत?
Strait of Hormuz Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय एलपीजी जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। भारतीय नौसेना की मदद से 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' को मंजूरी मिली, जिससे गैस आपूर्ति को बड़ी राहत मिली।
- Written By: अर्पित शुक्ला
प्रतीकात्मक फोटो, (Image- Social Media)
LPG Shortage: एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के मोर्चे पर भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय जहाज निकल चुके हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के जहाज भारत एलपीजी लेकर पहुंच चुके हैं। वहीं हाल ही में एक अमेरिकी जहाज भी मंगलुरु बंदरगाह पहुंचा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ नाम के जहाज सोमवार सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पहुंच चुके हैं और जल्द ही भारत पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से मंजूरी मिलने के बाद ही इन जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
भारतीय नौसेना की अहम भूमिका
सूत्रों के अनुसार, इस मंजूरी को दिलाने में भारतीय नौसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नौसेना ने ईरानी अधिकारियों से बातचीत कर इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान में फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी हो गई है, खासकर वरिष्ठ नेता Ali Larijani की मौत के बाद।
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ईरान जंग का भारत पर असर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत पर भी साफ दिख रहा है। भारतीय कंपनियों को माल ढुलाई में देरी और कच्चे माल की कमी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। Confederation of Indian Industry (सीआईआई) ने भी कहा है कि वैश्विक व्यापार पर निर्भर कई सेक्टरों पर दबाव बढ़ रहा है और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
विदेशी जहाज भी पहुंचे
रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से एलपीजी लेकर ‘पिक्सिस पायनियर’ नाम का जहाज पहुंचा। यह 14 फरवरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफ नीदरलैंड से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन एलपीजी लाई गई है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स को सौंपा जाएगा।
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इससे एक दिन पहले रूसी जहाज ‘एक्वा टाइटन’ भी बंदरगाह पर पहुंचा था। लगातार आ रहे इन जहाजों से संकेत मिल रहा है कि संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में सफल हो रहा है।
