बहरीन में फंसे भारतीयों की सऊदी अरब के रास्ते होगी सुरक्षित वापसी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Emergency Evacuation Plan For Indians: पश्चिम एशिया में छिड़े भीषण युद्ध के बीच बहरीन में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर आई है। भारतीय दूतावास ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए अब नागरिकों को सऊदी अरब के रास्ते घर लौटने की महत्वपूर्ण सलाह दी है। इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान फॉर इंडियंस के तहत विशेष रूप से उन लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है जो वहां पर्यटन या कम अवधि के वीजा पर गए थे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच हर भारतीय को सुरक्षित और जल्द से जल्द अपने वतन वापस लाना है।
पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात के बीच बहरीन में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि लोग अब सऊदी अरब के रास्ते भारत की यात्रा कर सकते हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास वहां की सरकार से व्यक्तिगत ट्रांजिट वीजा की अनुमति प्राप्त करने में जुटा है ताकि फंसे हुए लोगों को त्वरित मदद मिल सके। सभी नागरिकों से यह अनुरोध भी किया गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों के निरंतर संपर्क में रहें।
नई सरकारी एडवाइजरी के अनुसार यात्रियों के पास भारत वापसी के लिए कन्फर्म एयर टिकट होना अनिवार्य है और उन्हें चेकपॉइंट पर रियाद दूतावास का फॉर्मल नोट दिखाना होगा। यह विशेष सऊदी ट्रांजिट वीजा केवल 72 से 96 घंटों के लिए वैध होगा जिसके दौरान यात्रियों को अनिवार्य रूप से सऊदी अरब छोड़कर भारत के लिए उड़ान भरनी होगी। सुरक्षा की विशेष दृष्टि से यात्रियों को दिन के समय ही सऊदी चेकपॉइंट पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
यह संकट 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ है जिसमें अब तक सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे जा चुके हैं। बहरीन की सेना ने सोमवार को बताया कि उसने अब तक 102 बैलिस्टिक मिसाइलों और 171 ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया है जो उनके देश को निशाना बना रहे थे। हालांकि अभी बहरीन का वायुक्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है फिर भी लोगों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
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वहां रह रहे भारतीयों और स्थानीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सैन्य ठिकानों या मिसाइल मलबे वाली जगहों से दूरी बनाए रखें। नागरिक स्थलों और निजी संपत्तियों को बैलिस्टिक मिसाइलों के माध्यम से निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। भारतीय दूतावास हर पल की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए है ताकि युद्ध के इस कठिन दौर में अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित माहौल और घर वापसी का आसान रास्ता मिल सके।