भारत-साइप्रस आर्थिक और रणनीतिक संबंध (सोर्स-सोशल मीडिया)
India Cyprus bilateral trade 150 million: भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंध एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुके हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार अब 150 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच यह प्रगाढ़ता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी साल 1962 से लगातार मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 की ऐतिहासिक यात्रा ने 23 वर्षों के लंबे अंतराल को समाप्त कर दोनों देशों के बीच निवेश और फिनटेक सहयोग के नए द्वार खोले हैं। भूमध्य सागर में स्थित साइप्रस न केवल भारत का एक विश्वसनीय मित्र है, बल्कि यूरोपीय संघ और पश्चिम एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में भी उभर रहा है।
जून 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस का दौरा किया, जो पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्हें साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारियोज III” से नवाजा गया। राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स द्वारा दिया गया यह सम्मान दोनों देशों के साझा मूल्यों और अटूट विश्वास का प्रतीक है।
भारत और साइप्रस के बीच वर्तमान व्यापार 150 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें भारत प्रमुख रूप से फार्मास्यूटिकल्स और कपड़े निर्यात करता है। निर्यात की सूची में लोहा, इस्पात, मशीनरी और आईटी सेवाएं भी शामिल हैं जो साइप्रस की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। दूसरी ओर, भारत साइप्रस से विशेष औद्योगिक उत्पाद, रसायन और चिकित्सा उपकरण आयात करता है।
2025 की यात्रा के दौरान भारत और साइप्रस ने डिजिटल भुगतान को सरल बनाने के लिए यूपीआई (UPI) लॉन्च करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल से पर्यटकों और व्यापारिक समुदायों को सीमा पार लेनदेन में सुगमता होगी और बैंकिंग लागत कम होगी। यह समझौता फ्रांस के बाद साइप्रस को UPI अपनाने वाला दूसरा यूरोपीय देश बनाता है।
साइप्रस ने आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का बिना शर्त समर्थन किया है। भारत ने भी तुर्किए द्वारा 1974 के आक्रमण के बाद साइप्रस की क्षेत्रीय अखंडता और एकता का डटकर समर्थन किया है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र और राष्ट्रमंडल जैसे संगठनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हैं।
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साइप्रस भारत के शीर्ष 10 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) स्रोतों में से एक है, जिसने अब तक लगभग 12 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। 2025-2029 के लिए तैयार किया गया ‘जॉइंट एक्शन प्लान’ शिपिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और रसद क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर केंद्रित है। आने वाले वर्षों में सीधा हवाई संपर्क स्थापित करने की योजना से पर्यटन और जन-जन के बीच संबंध और गहरे होंगे।
Ans: 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 150 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1250 करोड़) के आंकड़े तक पहुंच गया है।
Ans: पीएम मोदी को 2025 में साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारियोज III" (Grand Cross of the Order of Makarios III) से सम्मानित किया गया।
Ans: हां, 2025 में हुए समझौते के बाद साइप्रस में यूपीआई आधारित सीमा पार भुगतान सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे पर्यटकों को लाभ मिल रहा है।
Ans: साइप्रस से भारत मुख्य रूप से दवाइयां (Pharmaceuticals), मशीनरी, रसायनों और विशेष औद्योगिक उत्पादों का आयात करता है।
Ans: दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध 10 फरवरी 1962 को स्थापित हुए थे, हालांकि इनके ऐतिहासिक संबंध स्वतंत्रता के समय से ही घनिष्ठ हैं।