India Bhutan Partnership: व्यापारिक साझेदारी बढ़ी, आस्था का गहरा नाता... रेलवे कनेक्टिविटी पर समझौता

Bhutan Trade Partnership: भारत और भूटान के संबंध रणनीतिक, व्यापारिक और आध्यात्मिक आस्था पर टिके हैं। भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। रेलवे और डिजिटल संपर्क बढ़ाकर साझेदारी मजबूत हो रही।
India Bhutan Trade Partnership
भारत और भूटान संबंध (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Bhutan Rail Connectivity: भारत और उसके पड़ोसी देश भूटान के बीच संबंध व्यापारिक, रणनीतिक और रक्षा सहयोग से कहीं ज्यादा गहरे हैं। दोनों देश आस्था और विश्वास के एक अटूट बंधन से भी बंधे हुए हैं। भारत, भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है, जिसकी साझेदारी 2024 में बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है। हाल ही में दोनों देशों ने रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह साझेदारी आपसी विश्वास और क्षेत्रीय स्थिरता का एक शानदार उदाहरण है।

भूटान का शीर्ष व्यापारिक भागीदार बना भारत

भारत और भूटान के बीच व्यापारिक संबंध साल 2007 की मैत्री संधि और 2016 के व्यापार, वाणिज्य एवं पारगमन समझौते से और मजबूत हुए हैं। इन समझौतों ने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार व्यवस्था स्थापित की और भूटान को तीसरे देशों से आयात के लिए 'फ्री ट्रांजिट' की सुविधा भी दी।

आंकड़ों के अनुसार, भारत लगातार भूटान का शीर्ष व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। 2024 में भूटान के कुल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 79.88 प्रतिशत हो गई है। जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच द्विपक्षीय व्यापार 12,669 करोड़ रुपए का रहा।

भारत ने भूटान को जरूरी वस्तुओं के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और व्यापार को आसान बनाने के लिए कई व्यापारिक मार्गों को मंजूरी दी गई है। हाल ही में, विभिन्न उर्वरकों की आपूर्ति के लिए एक बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) समझौता भी किया गया।

रेलवे, जलविद्युत और डिजिटल संपर्क को बढ़ावा

दोनों देशों के बीच संपर्क को बढ़ाना एक प्रमुख प्राथमिकता है। इसी दिशा में 29 सितंबर को भारत और भूटान ने एक अंतर-सरकारी समझौता किया, जिसके तहत दो रेल संपर्क, कोकराझार-गेलेफू (69 किमी) और बानरहाट-समत्से (20 किमी) तैयार किए जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत ₹4,033.34 करोड़ है। जलविद्युत क्षेत्र में भी भारत का योगदान महत्वपूर्ण है। भारत ने भूटान में 3,156 मेगावाट की पांच प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं (HEP) विकसित की हैं, जिनमें हाल ही में पूरी हुई 1,020 मेगावाट की पुनात्सांगछु जलविद्युत परियोजना शामिल है। इसके अलावा, फिनटेक समाधान जैसे रुपे कार्ड और भीम यूपीआई (BHIM UPI) भी भारत-भूटान के व्यापारिक साझेदारी को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहे हैं।

आस्था से जुड़ा है विशेष आध्यात्मिक नाता

व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों से इतर, भारत और भूटान एक खास आध्यात्मिक जुड़ाव साझा करते हैं। भूटान में बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। ये श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए भारत में बोधगया, राजगीर, नालंदा, सारनाथ, सिक्किम और अन्य पवित्र बौद्ध स्थलों पर आते हैं।

भारत भूटान को डीजल, पेट्रोल, वाहन, चावल, मशीनरी, दवाइयां और विभिन्न खाद्य पदार्थ निर्यात करता है। वहीं, भारत भूटान से मुख्य रूप से बिजली, लौह-इस्पात, चूना पत्थर, इलायची, सुपारी, संतरे, कैल्शियम कार्बाइड और जिप्सम जैसे प्राकृतिक उत्पाद और खनिज आयात करता है। यह गहरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध ही दोनों देशों की मित्रता की नींव को और मजबूत बनाता है।

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