ईरान से PM मोदी को न्योता, लेकिन खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत ने क्यों भेजा बिहार का यह बड़ा चेहरा?

India Delegation Iran: अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत शामिल होगा। तेहरान में 4-5 जुलाई को विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन जाएंगे।
Invitation from Iran for PM Modi, but why did India send this prominent figure from Bihar to Khamenei's funeral?
अयातुल्ला अली खामेनेई (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत शामित होगा। इसकी पुष्टि हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण आया था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, खबर आ रही है कि भारत की तरफ से विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को तेहरान में होगा।

अमेरिकी हमले में हो गई थी मौत

बता दें, ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई की इजरायली और अमेरिकी हमलों में 28 फरवरी मौत हो गई थी। युद्ध के मद्देनजर उस समय खामेनेई का अंतिम संस्कार टाल दिया गया था। पिछले दिनों ही अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बन गई है। इसके बाद अब अगले महीने की 4 और 5 जुलाई को खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह का कार्यक्रम रखा गया है।

ईरान में यह कार्यक्रम बहुत भव्य होने वाला है। इसमें दुनियाभर के कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल लेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम में भारत की तरफ से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल होंगे।

PM मोदी क्यों नहीं जा रहे?

ईरान की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रण मिलने के बाद कूटनीतिक गलियारों में कयास लगने लगे थे कि क्या पीएम ईरान जाएंगे? लेकिन अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान पहले से तय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के कारण तेहरान नहीं जा पाएंगे। अगले महीने पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड दौरे पर रहेंगे। इसका शेड्यूल पहले से ही तय है।

4 महीने बाद हो रहा होगा अंतिम संस्कार

खामेनेई की मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार करीब चार महीने बाद, जुलाई को तेहरान में होगा। इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के बाद तेहरान में सार्वजनिक जुलूस निकाला जाएगा। साथ ही कर्बला और नजफ में दुआएं पढ़ी जाएंगी।

बता दें, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की 1989 में मौत के बाद खामेनेई ने कमान संभाली थी। तब से ही वही ईरान की सत्ता संभाल रहे थे।

https://youtu.be/DEIbbC0VNns

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