Mission Larijani: इजरायल ने कैसे ईरानी नेता को ट्रैक कर किया हमला, जानें पूरी कहानी
Israel Special Capabilities: इजरायल ने अपनी 'विशेष क्षमताओं' का उपयोग कर ईरानी नेता अली लारिजानी को ट्रैक किया और तेहरान के पास एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया, जो उसकी खुफिया ताकत को दर्शाता है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरानी IRGC नेता लारीजानी पर इजराइल ने हमला किया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Israel Intelligence Mission In Iran: ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल ने अपना पूरा ध्यान अली लारिजानी पर केंद्रित कर दिया था। ईरान में इजराइल के खुफिया मिशन के जरिए लारिजानी की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही थी। इजरायल ने अपनी खुफिया और सैन्य ताकत का बेजोड़ तालमेल दिखाते हुए इस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह हमला न केवल एक सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि इजरायल की उच्च स्तरीय तकनीक का प्रदर्शन भी था।
टारगेट नंबर वन
28 फरवरी को खामेनेई के निधन के बाद लारिजानी इजरायल की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर आ गए थे। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए खुद को पूरी तरह से अंडरग्राउंड कर लिया और ठिकाने बदलने लगे। इजरायल की खुफिया एजेंसी और सैन्य बल पिछले पंद्रह दिनों से उनकी तलाश में जुटे हुए थे।
अंतिम सार्वजनिक उपस्थिति
लारिजानी को आखिरी बार 13 मार्च को तेहरान की सड़कों पर आयोजित कुद्स रैली में देखा गया था। वहां उन्होंने अमेरिका और इजरायल को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि हमलों का करारा जवाब मिलेगा। इस रैली के बाद वे फिर से छिप गए लेकिन इजरायली एसेट्स लगातार उनका पीछा कर रहे थे।
सम्बंधित ख़बरें
इटली की पीएम Giorgia Meloni की डीपफेक तस्वीरें वायरल! फर्जी फोटो वायरल होने पर प्रधानमंत्री ने तोड़ी चुप्पी
भारत ने क्यों चुकाई पाकिस्तान को सिंधु जल संधि की कीमत? समझौते की 5 शर्तों जिसनें बांधे दिल्ली के हाथ
Iran Fire: ईरान में आग का तांडव! तेहरान के मॉल में आग लगने से 8 की मौत और 36 घायल, सर्च ऑपरेशन जारी
आज है International No Diet Day, 2026, जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है यह दिन
विशेष जासूसी क्षमताएं
इजरायल ने लारिजानी को ट्रैक करने के लिए अपनी ‘स्पेशल कैपेबिलिटीज’ का उपयोग किया जो काफी चर्चा में है। इसमें ह्यूमन इंटेलिजेंस, साइबर टूल्स और सैटेलाइट इमेजरी जैसे अत्याधुनिक संसाधनों का एक जटिल मिश्रण शामिल था। इजरायली सूत्रों के अनुसार खुफिया जानकारी मिलते ही तुरंत हवाई हमले का बड़ा फैसला लिया गया।
1600 किमी की उड़ान
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इजरायली फाइटर जेट्स ने करीब 1600 किलोमीटर की लंबी दूरी तय की। आईडीएफ प्रमुख और राजनीतिक नेतृत्व के बीच त्वरित समन्वय के कारण ही यह हमला बेहद सफल साबित हुआ। इजरायल से ईरान की दूरी अधिक होने के कारण यह मिशन काफी चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा था।
बेटी से मुलाकात बनी काल
रिपोर्ट्स के अनुसार 16-17 मार्च की रात को लारिजानी तेहरान के बाहरी इलाके पर्दिस में अपनी बेटी से मिल रहे थे। उसी दौरान इजरायल और अमेरिका के हवाई हमले में 67 वर्षीय लारिजानी की मौके पर ही मौत हो गई। सटीक खुफिया जानकारी ने इजरायल को सही समय पर हमले का सुनहरा मौका प्रदान किया।
यह भी पढ़ें: ‘IRGC के गुंडे को मार गिराया’, नेतन्याहू ने अली लारीजानी के खात्मे का किया ऐलान; ईरान को लगा दोहरा झटका
खुफिया तंत्र की सफलता
इजरायल ने ईरान के भीतर अपने जासूसों और तकनीकी उपकरणों का ऐसा जाल बिछाया था जिसे तोड़ना असंभव था। ट्रैफिक कैमरों से लेकर टेलीकॉम सिस्टम तक की हैकिंग करके लारिजानी की लोकेशन का सटीक पता लगाया गया था। यह ऑपरेशन दिखाता है कि इजरायल की पहुंच उसके दुश्मन के घर के भीतर तक है।
दुनिया में हलचल
लारिजानी की मौत के बाद पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियां इजरायल की गुप्त तकनीक पर शोध कर रही हैं। इजरायल ने जानबूझकर अपनी रणनीतियों को अस्पष्ट रखा है ताकि भविष्य के ऑपरेशनों की सुरक्षा बनी रहे। इस हमले ने ईरान के बचे हुए नेतृत्व के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।
