कंगाल पाकिस्तान में कैसे फलता-फूलता है आतंकवाद? किन देशों से आता है पैसा
हलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश सकते में है। कंगाली कगार पर खड़े पाकिस्तान में आतंकवाद कैसे इतना फल-फूल रहा है? आतंकवादियों के पास हथियार खरीदने का पैसा कहां से आते है?
- Written By: अक्षय साहू
प्रतीकात्मक चित्र (सौजन्य-सोशल मीडिया)
नवभारत डिजिटल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश सकते में है। सेना आतंकियों को ढूंढने और उनका सफाया करने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ पाकिस्तान को आतंक का जवाब देने के लिए घंटों बैठक की इसके बाद 5 बड़े फैसले लिए गए।
आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि कंगाली कगार पर खड़े पाकिस्तान में आतंकवाद कैसे इतना फल-फूल रहा है? आतंकवादियों के पास हथियार खरीदने का पैसा कहां से आते है? पाकिस्तान के अलावा वो कौन से देश है जो इसमें उनकी मदद करते है?
क्या है आतंकियों के कमाई का जरिया
पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा, लश्कर-ए-ओमर, जैश-ए-मोहम्मद, हरकतुल मुजाहिद्दीन, सिपाह-ए-सहाबा, हिज़्बुल मुजाहिदीन जैसे 12 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय है। जिनकी मदद पाकिस्तान की आर्मी और खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (ISI) करती है। लेकिन ये संगठन ISI के अलावा नशीली दवा, अफीम और नशीले पदार्थों की तस्करी करके पैसे कमाते है। जिससे ये आतंकी संगठन हथियार खरीदने के साथ-साथ आतंकियों को पालते हैं।
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पाकिस्तान के आतंकी संगठन कश्मीर और पाकिस्तान के कम पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाते है। पहले वो बेरोजगार युवाओं को अपने संगठन में शामिल करते है और फिर उनका ब्रेन वाॅश करके कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए भेज देते हैं।
व्यापारियों से भी करते है वसूली
लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन प्रमुख रूप से नशे की तस्करी में शामिल है। ये संगठन खासकर हेरोइन और चरस जैसी चीज़ों की तस्करी करके पैसा कमाते हैं। आतंकी अपने अधिकतर नशीले पदार्थों को भारत में ही बेचते है। जिसके लिए वो सीमा से सटे पंजाब के इलाकों को उपयोग करते है।
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नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा आतंकी संगठन व्यापारियों से वसूली भी करते हैं, साथ ही इन्हें कई और देशों से भी टेरर फंडिंग मिलती है। जिसे ये संगठन कश्मीर में सक्रिय अपने गुर्गों को पैसे भेजते हैं। अपने गुर्गों तक पैसा पहुंचाने के लिए ये संगठन हवाला का जरिया अपनाते हैं। इसके जरिए पहले पाकिस्तान में बैठा हवाला का एजेंट पैसे रिसीव करता है, फिर इसी तरह कश्मीर में बैठे एजेंट तक पैसे पहुंचाए जाते हैं। जो उन पैसों को आगे कश्मीर के अलग-अलग इलाके में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाने का काम करता है।
