Hormuz Strait: होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर बड़ा हमला, IMO ने निकासी रोकी

Hormuz Strait Attack: ओमान के पास कार्गो जहाज पर हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी IMO ने सुरक्षा कारणों से फंसे हुए जहाजों की निकासी रोक दी है।
Hormuz Strait: Projectile Attack on Cargo Ship Halts IMO Evacuation Route 
ओमान के पास कार्गो जहाज पर हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Hormuz Strait Shipping Route: होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री जहाजों के लिए हालात फिर से बहुत खराब हो गए हैं। ब्रिटिश सेना के अनुसार ओमान के पास एक कार्गो जहाज पर प्रोजेक्टाइल से बड़ा हमला किया गया है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की मैरीटाइम एजेंसी (IMO) ने सख्त कदम उठाया है। एजेंसी ने फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकालने का अपना विशेष अभियान तुरंत प्रभाव से रोक दिया है।

यह चौंकाने वाला हमला ठीक उस समय हुआ जब ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी थी। ईरान ने कहा था कि तेहरान की मंजूरी के बिना किसी भी नए रूट का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए। IMO के सेक्रेटरी जनरल आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित होने तक अभियान रुका रहेगा। जिस जहाज पर यह हमला हुआ, वह निकासी अभियान की सूची का हिस्सा नहीं था।

ईरान की सीधी चेतावनी

हमले की खबर के बाद ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने अपना नया कड़ा बयान जारी किया है। इस एजेंसी को विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को कंट्रोल करने के लिए बनाया गया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि तय रूट से बाहर जाने वाले जहाजों को सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं मिलेगी। इससे होर्मुज में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।

नया वैकल्पिक रूट

यह नया वैकल्पिक समुद्री रास्ता ओमान और IMO ने मिलकर पूरी सुरक्षा के साथ तय किया था। गुरुवार सुबह स्टोइक वॉरियर जहाज की अगुवाई में तेल टैंकरों का एक बड़ा बेड़ा यहां से गुजरा था। यह बेड़ा संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के तट के साथ मुसंडम प्रायद्वीप के पास से आगे बढ़ा था। इस हमले ने अब इन नए सुरक्षित रास्तों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुराना रूट और हमले का असर

इस नए रास्ते के उत्तर में वह मुख्य कॉरिडोर है जहां से युद्ध से पहले जहाज आजादी से गुजरते थे। दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस इसी पुराने रास्ते से दुनिया भर में जाता था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि ओमान तट के पास हुए इस हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस गंभीर हमले में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

निकासी अभियान पर लगा ब्रेक

IMO ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी जहाजों की पूरी सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल जाता, निकासी रुकी रहेगी। यह सुरक्षा भरोसा न केवल निकासी लिस्ट में शामिल जहाजों के लिए बल्कि अन्य जहाजों के लिए भी बहुत जरूरी है। इस इलाके में चलने वाले सभी कमर्शियल जहाजों को अब भारी अनिश्चितता और बड़े खतरे का सामना करना पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा दुनिया भर के व्यापार के लिए एक बहुत बड़ी चिंता बन गई है।

हमले की जिम्मेदारी और नुकसान

अभी तक यह बिल्कुल पता नहीं चल पाया है कि यह खतरनाक प्रोजेक्टाइल हमला असल में किसने किया है। यह भी साफ नहीं है कि किस खास तरह के जहाज को इस हमले में मुख्य निशाना बनाया गया था। होर्मुज स्ट्रेट से फंसे जहाजों को निकालने की अहम योजना पर इस हमले के बाद अनिश्चितकालीन रोक लग गई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अब इस इलाके में शांति और सुरक्षित व्यापारिक आवागमन बहाल करने के कड़े प्रयास कर रहा है।

भारत और दुनिया पर प्रभाव

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। भारत सहित कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज रोज इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। हालांकि हाल ही में भारत के करीब 30 जहाज तेल, गैस और फर्टिलाइजर लेकर यहां से सुरक्षित निकले थे। लेकिन इस ताजा हमले ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई चैन को लेकर फिर से गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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