Hormuz Strait की सुरक्षा के लिए हाथ मिलाएंगे ईरान-ओमान: समुद्री रास्तों की आजादी को दोनों देशों ने बताया जरूरी

Hormuz Strait Security: ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी पर एकजुटता दिखाते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। ओमान ने अमेरिका-ईरान के MoU का भी समर्थन किया।
Hormuz Strait Security: Iran And Oman Issue Joint Statement On Maritime Navigation Safety In Region
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran And Oman On Hormuz Strait Security: ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के स्पीकर और विदेश मंत्री के नेतृत्व में एक दल ओमान पहुंचा। इस अहम दौरे के दौरान ईरानी नेताओं ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बहुत ही खास मुलाकात की। ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र अलबुसैदी के साथ भी इस प्रतिनिधिमंडल की काफी लंबी और अहम बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद ओमान और ईरान ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर एक संयुक्त बयान जारी किया।

ओमान और ईरान के बीच हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच साइन किए गए 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' का पूरा समर्थन किया है। ओमान ने इस बड़े समझौते को लागू करने के लिए दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत की अहमियत बताई। इस समझौते से पूरे मध्य पूर्व में शांति और बहुत ही बेहतर तालमेल बनाए रखने में भारी मदद मिलेगी।

होर्मुज स्ट्रेट की संप्रभुता

ओमान और ईरान होर्मुज स्ट्रेट के तटीय देश हैं और उन्होंने इसके सुरक्षित रास्ते के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पक्का किया है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से होर्मुज स्ट्रेट में अपने पानी पर अपनी संप्रभुता पर भी जोर दिया है। इस अहम मुद्दे पर दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप के जरिए बातचीत जारी रहेगी। इससे नेविगेशन के भविष्य के प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक खर्चों पर पूरी सहमति बन सकेगी।

नेविगेशन की आजादी पर जोर

बयान में यह साफ किया गया है कि ओमान और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को नेविगेशन के लिए सुरक्षित बनाए रखने का प्रण लिया है। समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन की आजादी और क्षेत्रीय स्थिरता को लगातार बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग काफी जरूरी है। यह जलमार्ग दुनिया भर में तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई चेन के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण रास्ता है। ईरान और ओमान दोनों ही इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने और कूटनीतिक रास्तों से विवादों को सुलझाने का काम कर रहे हैं।

अमेरिका और ईरान के संबंध

ओमान ने अमेरिका और ईरान के इस्लामाबाद समझौते का समर्थन करके दोनों देशों को आपसी बातचीत जारी रखने का संदेश दिया है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु ठिकानों की जांच और अन्य मुद्दों पर अभी भी भारी विवाद लगातार जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने बात नहीं मानी तो यह बातचीत तुरंत बंद कर दी जाएगी। फिर भी ओमान की मध्यस्थता से इस पूरे विवादित क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की एक नई उम्मीद जरूर जगी है।

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