

Hindu Widow Gang Raped Jhenaidah Bangladesh: बांग्लादेश के झेनाइदाह जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और अमानवीय बर्बरता की गई है। कालीगंज इलाके में आरोपियों ने न केवल इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया, बल्कि पीड़िता को पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए और इस पूरी प्रताड़ना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
यह घटना उस समय हुई है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वहां के हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और अपराधियों के बढ़ते हौसलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता के अनुसार इस क्रूरता के पीछे जमीन का एक पुराना विवाद और मुख्य आरोपी शाहिन की बुरी नीयत शामिल थी, जिससे वह पिछले ढाई साल से परेशान थी। महिला ने शाहिन और उसके भाई से 20 लाख टका में एक दो मंजिला मकान खरीदा था, जिसके बाद से आरोपी लगातार उसे परेशान कर रहा था और उस पर गलत दबाव बना रहा था। महिला द्वारा शाहिन के गलत प्रस्तावों को बार-बार ठुकराने के बाद आरोपी ने रंजिश पाल ली और इस भयावह हमले की साजिश रची।
शनिवार की शाम जब महिला के घर उसके दो रिश्तेदार आए हुए थे, तब आरोपी शाहिन और उसका साथी हसन जबरन घर के अंदर घुस आए और आतंक मचाना शुरू कर दिया। इन दरिंदों ने न केवल महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया, बल्कि वहां मौजूद रिश्तेदारों को भी बेरहमी से पीटकर घर से बाहर भगा दिया ताकि कोई बीच-बचाव न कर सके। अपराधियों ने इस कृत्य के बाद महिला से 50 हजार टका की अतिरिक्त फिरौती की भी मांग की और पैसे न मिलने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।
बलात्कार के बाद आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी और उन्होंने महिला को घर के बाहर एक पेड़ से बांध दिया और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए उसके बाल काट दिए। इस पूरी प्रताड़ना का वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट पर फैला दिया गया, जिससे पीड़िता को न केवल शारीरिक बल्कि गहरा मानसिक आघात भी पहुंचा है। इस बर्बरता के दौरान महिला दर्द और सदमे के कारण बेहोश हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे मुक्त कराया और अस्पताल पहुंचाया।
झेनाइदाह सदर अस्पताल में इलाज के बाद जब पीड़िता को होश आया, तब पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, हालांकि अभी तक किसी की मुख्य गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने पूरे झेनाइदाह जिले में तनाव पैदा कर दिया है और मानवाधिकार कार्यकर्ता दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।